जशपुरनगर, 23 जून (आरएनएस)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी पहल ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़Ó अभियान को जशपुर जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर रोहित व्यास ने समय-सीमा की समीक्षा बैठक में सभी विभागों को अभियान का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले का कोई भी पात्र परिवार शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि अभियान को जनआंदोलन के रूप में सफल बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर भी जोर देते हुए कहा कि समय पर समस्याओं का समाधान ही सुशासन की पहचान है।
० 31 योजनाओं से होगा शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण
कलेक्टर ने बताया कि अभियान के तहत सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कृषि, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और बुनियादी नागरिक सेवाओं सहित 31 प्रमुख योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए ग्राम स्तर पर सर्वे कर पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी और उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
० नियद नेल्लानार मॉडल पर होगा अभियान
उन्होंने बताया कि यह अभियान बस्तर में सफल रहे ‘नियद नेल्लानारÓ मॉडल पर आधारित होगा। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, महतारी वंदन योजना, श्रम कार्ड, विभिन्न पेंशन योजनाएं, जल जीवन मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अनेक योजनाओं का लाभ एकीकृत रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में सर्वे और डेटा संग्रह, दूसरे चरण में विशेष संतृप्तिकरण शिविर तथा तीसरे चरण में योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा।
० श्रमिक पंजीयन और डिजिटल प्रशासन पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग विशेष शिविर लगाकर सभी पात्र श्रमिकों का पंजीयन करे, ताकि उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके साथ ही सभी कार्यालयों में आईजीओटी, ई-एचआरएमएस और ई-ऑफिस का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल प्रशासन से पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यों की गति में सुधार आएगा।
० पीवीटीजी सर्वे और सेवा सेतु की समीक्षा
बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) के सर्वे, सेवा सेतु, ज्ञान भारतम् और प्रगति पोर्टल की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
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