ईटानगर,24 जून(आरएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले में लगातार बारिश के कारण बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आ गई. इससे निचले इलाकों में पानी भर गया और 18 घरों को नुकसान पहुँचा. साथ ही, नेशनल हाईवे पर भूस्खलन से गाडिय़ों की आवाजाही रुक गई और कई लोग फंस गए.
राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलू ने बताया कि यजाली सर्कल के तहत पूसा के पास नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी में अचानक आई बाढ़ के कारण तीन लोग लापता हो गए. उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण बन रही एक रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) गिर गई और कॉलोनी व उसके आस-पास के निचले रिहायशी इलाकों में भारी मात्रा में पानी भर गया.
अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास नेशनल हाईवे 315 के आसपास कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुई. बुधवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले में जॉयपुर के पास नेशनल हाईवे का हिस्सा और अरुणाचल प्रदेश के तिरप में एनएच 315 (ए) का देउमाली-कुंसा कनेक्टिंग पॉइंट लैंडस्लाइड से प्रभावित हुआ.
डिब्रूगढ़ जिले में दिहिंग पटकाई सैंक्चुअरी से गुजरने वाले हाईवे को पिछले साल चौड़ा किया गया था. जॉयपुर में हाईवे पर तीन जगहों पर लैंडस्लाइड की खबर है. हाईवे पर गाडिय़ों की आवाजाही सीमित कर दी गई है और मंगलवार से शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक इसे पूरी तरह बंद रखा गया. गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले के खुंसा, देउमाली, सोहा और नामसांग के लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इसी हाईवे से असम के डिब्रूगढ़ और नाहरकटिया आते-जाते हैं. इलाके के लोगों ने कहा, किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए हाईवे अथॉरिटी से हाईवे को तुरंत ठीक करने की अपील की गई है.
असम सरकार अरुणाचल प्रदेश के निचले सुबनसिरी जिले में बहुत ज़्यादा बारिश और अचानक आई बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) से पैदा हो रही स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है. माना जा रहा है कि इसका असर असम के कई जिलों पर भी पड़ेगा. गुवाहाटी के रीजनल मौसम केंद्र (क्ररूष्ट) और ईटानगर के मौसम केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार निचले सुबनसिरी जिले के याजाली स्टेशन पर पिछले 24 घंटों में लगभग 72.8 मिमी बारिश दर्ज की गई.
इसमें से ज़्यादातर बारिश 24 जून को सुबह 06:00 बजे से 09:00 बजे के बीच हुई. सैटेलाइट और रडार की तस्वीरों से पता चलता है कि सुबह 06:00 बजे से 07:30 बजे के बीच जबरदस्त बारिश हुई. इससे अचानक बाढ़ आ गई और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में नदियों के बहाव में काफी बढ़ोतरी हुई.
पैन्योर लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (जिसे पहले रंगानदी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के नाम से जाना जाता था) वाले इलाके में अचानक बाढ़ आने की खबर है. पानी के बहाव में अचानक बढ़ोतरी के कारण, ऑपरेशन से जुड़े उपाय किए गए और अतिरिक्त पानी छोडऩे के लिए एक स्पिलवे गेट खोला गया.
याजाली से मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि मलबे के बहाव के साथ आई अचानक बाढ़ ने प्रभावित इलाकों में घरों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया है. ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते बहाव को देखते हुए, असम के निचले इलाकों में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर और बहाव की गति में काफी बढ़ोतरी की आशंका है.
बाढ़ की लहर के सबसे पहले धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ और सोनितपुर जैसे जिलों को प्रभावित करने की आशंका है. इसके बाद यह अन्य जिलों से होते हुए अगले एक-दो दिनों में धुबरी तक पहुँच जाएगी. राज्य में सबसे ऊँचे स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर असम के मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से बात की है और उन्हें पूरी तरह सतर्क रहने और सभी जरूरी तैयारी के उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
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