आजमगढ़, 24 जून(आर एन एस)जनपद में शासकीय भूमि, सार्वजनिक उपयोग की भूमि एवं राजस्व अभिलेखों में दर्ज विभिन्न खातों की भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशन में प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्ग, चारागाह, पोखरी, बंजर तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही कूटरचित अभिलेखों अथवा अन्य अवैध माध्यमों से सरकारी भूमि पर नाम दर्ज कराने अथवा कब्जा करने के प्रयासों पर भी कड़ी निगरानी रखते हुए आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाए।जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में तहसील मेहनगर प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण के मामलों की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उप जिलाधिकारी मेहनगर भूपाल सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच में कई मामलों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा एवं निर्माण कार्य पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की गई।तहसील मेहनगर क्षेत्र के ग्राम लौदह ईमादपुर निवासी पंकज पुत्र श्यामा द्वारा चारागाह खाते की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित के विरुद्ध धारा 173 बीएनएसएस तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 2 एवं 3 के अंतर्गत प्राथमिकी पंजीकृत कराई गई है। प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच कर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।इसी प्रकार ग्राम जाफरपुर निवासी सल्टन पुत्र सुखदेव चौहान एवं जियालाल पुत्र कालीचरन द्वारा बाहा खाते की भूमि पर अवैध निर्माण कार्य किए जाने की पुष्टि होने पर दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अथवा निर्माण कार्य किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।एक अन्य मामले में ग्राम सरदागंज निवासी बद्री विशाल पुत्र दुनम द्वारा पोखरी खाते की भूमि पर अवैध निर्माण कर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत की जांच उपरांत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमित भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा है कि जनपद में सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी व्यक्ति द्वारा चारागाह, पोखरी, बाहा, बंजर, सड़क अथवा अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण कार्य किए जाने पर कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ऐसे मामलों की पहचान करने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा, अतिक्रमण अथवा निर्माण कार्य की जानकारी हो तो उसकी सूचना संबंधित तहसील, राजस्व विभाग अथवा प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।जनपद प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाते रहेंगे।
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