वॉशिंगटन,25 जून। नाटो महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि ईरान परमाणु क्षमताएं हासिल कर रहा था, जो पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकता था. ट्रंप के साथ अपनी बैठक में रुटे ने कहा कि जी7 के सभी नेताओं ने ईरान को लेकर अमेरिका द्वारा किए जा रहे काम की सराहना की है.
मार्क रुटे ने कहा, सबसे पहले ईरान की बात करते हैं. मैं साफ तौर पर यह बताना चाहता हूँ कि ईरान को लेकर आप जो काम कर रहे हैं, वह कितना अहम है. यह मुख्य रूप से उस न्यूक्लियर क्षमता के बारे में है जिसे ईरान हासिल करने ही वाला था. यह उस इलाके के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा होता. यह देश अराजकता और आतंकवाद फैलाया. वे न्यूक्लियर क्षमता हासिल करने के बहुत करीब थे. आपने पिछले हफ्ते जी7 में देखा होगा कि सभी नेताओं ने इस बात की तारीफ की कि ईरान की न्यूक्लियर क्षमता को कम कर दिया गया है.
रुटे ने कहा, अमेरिका जो काम कर रहा है, वह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए है. यह बहुत जरूरी है और मैं बस यह साफ करना चाहता हूँ क्योंकि कभी-कभी लोग सोचते हैं कि ईरान का यह पूरा मामला क्यों चल रहा था. यह सुरक्षा का मामला है. यह आजाद दुनिया के नेता की ओर से अमेरिका की सीमाओं से बाहर निकलकर बाकी दुनिया के लिए जिम्मेदारी लेने का मामला है और आपने यही किया.
नाटो महासचिव ने कहा, मुझे पता है कि इस बात पर बहस हुई है कि क्या यूरोप में आपके सहयोगी आपके साथ काफी हद तक थे या नहीं. मैं बस एक बात कहना चाहता हूँ कि कभी-कभी वे साथ थे. रुटे ने कहा कि भले ही ट्रंप ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि नाटो सदस्य युद्ध के दौरान अमेरिका की काफी मदद नहीं कर रहे थे, फिर भी यूरोप भर के बेस से अमेरिका के लगभग 4,000-5,000 विमानों ने उड़ान भरी थी.
रुटे ने आगे कहा कि जब आप आंकड़ों को देखें तो इस युद्ध के दौरान यानी अप्रैल के मध्य में सीजफायर होने तक के छह हफ़्तों में यूरोप के बेस से चार से पाँच हजार अमेरिकी विमानों ने उड़ान भरी. रोमानिया के बुखारेस्ट एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा. इसे कमर्शियल ट्रैफि़क के लिए बंद करना पड़ा क्योंकि उन्हें यह पक्का करना था कि टैंकर विमान हवा में भेजे जा सकें. तो मुझे पता है कि कुछ ऐसे अलग-थलग मामले रहे हैं जिनसे आपको सच में निराशा हुई. लेकिन आम तौर पर आपके यूरोपीय सहयोगी आपके साथ रहे हैं. मैं सच में इस बात पर जोर देना चाहता हूँ.
रुटे ने ऐसे चार्ट भी दिखाए जिनसे पता चलता है कि कैसे ट्रंप ने नाटो देशों को अपना डिफेंस खर्च बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है और इससे अमेरिका की नौकरियों और कंपनियों को कैसे फायदा हो रहा है. रुटे ने आगे कहा, कुल मिलाकर 1,95,000 नौकरियां यूरोपीय निवेश से चल रही हैं.
मैं आपको यकीन दिला सकता हूं कि ऐसा रूस की वजह से उस खतरे की वजह से हो रहा है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर आप लगातार ऐसी चीज के लिए जोर दे रहे हैं जो आइजनहावर के समय से हासिल नहीं हो पाई थी. यानी यूरोपीय देशों का अमेरिका के बराबर रक्षा खर्च करना. यह उसका सबूत है और जहां तक नौकरियों की बात है, तो यहां देखिए.
कुल मिलाकर 1,95,000 नौकरियां निवेश से चल रही हैं. यूरोपीय कंपनियों के अमेरिका में निवेश से 83,000 नौकरियां मिली हैं. 1,12,000 नौकरियां इसलिए बनी हैं क्योंकि यूरोपीय देश अपने रक्षा उद्योग के उत्पादन पर होने वाले कुल खर्च का लगभग आधा हिस्सा अमेरिका में खर्च करते हैं. पिछले साल उन्होंने अमेरिकी रक्षा उद्योग के उत्पादन पर 54 अरब डॉलर खर्च किए. रुटे ने आगे कहा कि यूरोप अगले कुछ सालों में अमेरिका पर 300 अरब डॉलर खर्च करेगा.
अभी 300 अरब डॉलर का ऑर्डर बैकलॉग है. यानी अगले कुछ सालों में यूरोपीय देश अमेरिका से जो सामान खरीदेंगे, उस पर 300 अरब डॉलर का रक्षा खर्च होगा, जो पहले से ही ऑर्डर बुक में दर्ज है. पिछले साल 54 अरब डॉलर खर्च हुए थे, और अब कुल ऑर्डर बुक 300 अरब डॉलर की है.
कुल मिलाकर लगभग 2,00,000 नौकरियां. ये असली नौकरियां हैं, असली लोग हैं. जैसे कल पेंसिल्वेनिया में आपके भाषण के दौरान आपके पीछे जो लोग मौजूद थे, वैसे ही लोग. रुटे ने कहा कि समस्या यह है कि यूरोप पर्याप्त उत्पादन नहीं कर रहा है, और यूक्रेन युद्ध के कारण उन्हें अपने रक्षा भंडार को फिर से भरना है.
यह सब करने के लिए हमें डिफेंस इंडस्ट्री के प्रोडक्शन को बढ़ाना पड़ा. एक बड़ी समस्या है. और समस्या यह है कि अमेरिका और यूरोप, दोनों ही जगहों पर हम जरूरत के हिसाब से प्रोडक्शन नहीं कर रहे हैं. यूक्रेन में चल रही जंग, वहाँ हमारी गतिविधियों और अन्य कारणों से हमारे स्टॉक को फिर से भरने की जरूरत है. आपने इस मामले में लीडरशिप दिखाई है. पिछले हफ़्ते आपने डिफेंस प्रोक्योरमेंट एक्ट पर साइन किया. आपने कंपनियों के लिए मिलकर काम करना मुमकिन बनाया ताकि वे अपना डिफेंस प्रोडक्शन बढ़ा सके.
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