देहरादून 26 जून (आरएनएस)। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में शुक्रवार को सातवें अंतरराष्ट्रीय दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में 10 देशों के 35 अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं। डिग्री प्राप्त करने के बाद छात्रों ने भारत में मिली शिक्षा और सांस्कृतिक अनुभवों को अपने जीवन की बड़ी उपलब्धि बताया। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुशीला देवी सेंटर फॉर प्रोफेशनल स्टडीज एंड रिसर्च की उपाध्यक्ष अनुराधा जोशी मौजूद रहीं। उन्होंने छात्रों से ज्ञान, सत्यनिष्ठा और वैश्विक नागरिकता के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। दीक्षांत समारोह में लाइबेरिया, नेपाल, तंजानिया, मलावी, नाइजीरिया, जिम्बाब्वे, म्यांमार, नामीबिया, दक्षिण सूडान और स्वाजीलैंड के 35 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 20 छात्र स्नातक और 15 छात्र स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के थे। कुल 21 छात्र और 14 छात्राओं ने अपनी डिग्रियां प्राप्त कीं।
बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी के छात्र नाइजीरिया के अहमद आयुबा दावा को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने कहा कि भारत गुणवत्तापूर्ण व समावेशी शिक्षा के कारण वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 17 से अधिक देशों के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। उपाध्यक्ष अंकिता जोशी ने छात्रों को शुभकामनाएं दीं। कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि ने विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्थान में 100 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ विभिन्न देशों के विद्यार्थियों के लिए समावेशी शिक्षण वातावरण उपलब्ध करा रहा है। समारोह का संचालन कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्ष डॉ. मधु किरोला ने किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ अनुज कुमार राणा, प्रो अभिषेक जोशी, प्रो कार्तिकेय आदि मौजूद रहे।
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