भोपाल,27 जून(आरएनएस)।शंकराचार्य जिनालय में विराजमान आचार्य विराग विशुद्ध सागर महाराज के शिष्य उपाध्याय विश्रुत सागर महाराज के सान्निध्य में इन दिनों धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संस्कृति और संस्कारों को सहेजने का विशेष अभियान चल रहा है।
प्रतिदिन मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ श्रद्धालु धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं, वहीं बच्चों और युवाओं के लिए विशेष संस्कार कक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं। उपाध्याय विश्रुत सागर महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति, भाषा, साहित्य, साधु-संतों की परंपरा और पुरातात्विक धरोहर में निहित होती है।
यदि इन मूल्यों को सुरक्षित रखा जाए, तो समाज की पहचान और आने वाली पीढिय़ों का भविष्य भी सुरक्षित रहता है। उन्होंने बच्चों और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने चरित्र को उज्ज्वल बनाएं, अच्छे संस्कारों को अपनाएं और समाज व राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।
प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि उपाध्याय श्री के प्रेरक प्रवचनों से प्रभावित होकर अनेक श्रद्धालुओं ने संयमित एवं संस्कारवान जीवन जीने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने श्रीफल भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर ब्रह्मचारिणी बहन अलका दीदी सहित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति के अध्यक्ष सुनील जैन ‘अरिहंत’, महामंत्री सुरेश जैन ‘समरधा’, रितेश जैन ‘नवकार’, प्रेम जैन, नितिन जैन, जितेंद्र जैन, उपाध्यक्ष राजकुमार जैन, दीपक जैन, सुभाष जैन, दिनेश जैन, अशोक जैन, प्रफुल्ल जैन, पवन जैन, राजेश जैन, महिला मंडल अध्यक्ष नीता जैन, नीतू जैन, रीना जैन तथा बालिका मंडल और सुबलसागर बालक मंडल के सदस्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

