उज्जैन,27 जून(आरएनएस)।दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में दान चोरी के मामले को लेकर शनिवार को उज्जैन में केंद्र सरकार, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को भ्रष्ट बताते हुए उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। साथ ही कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शुक्रवार रात उज्जैन पहुंचे थे और देवास रोड स्थित सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह उन्होंने सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर राम मंदिर, महाकाल मंदिर की व्यवस्था और जमीन घोटाले को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद पर भी कहा कि इसमें इंदौर का नाम पहले होना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे मुख्यमंत्री मोहन यादव को सलाह देने उज्जैन आए हैं। उन्होंने कहा, “इतने विभाग आपके पास हैं, गड़बड़ी अधिकारी करेंगे और जवाब आपको देना पड़ेगा। ऐसा मत करिए, क्योंकि हम आपको छोडऩे वाले नहीं हैं।”
राम मंदिर में दान चोरी के मामले को लेकर दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को धर्म और धार्मिक कार्यों से कोई मतलब नहीं है, उन्हें सिर्फ सत्ता से मतलब है। उन्होंने कहा कि इन संगठनों पर कोई कानून लागू नहीं होता और ये सनातनियों को ठग रहे हैं।
उन्होंने कहा, “चंपत राय कौन हैं? उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। धर्म से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वे संघ के प्रचारक रहे, बाद में विहिप ने उन्हें ले लिया। सादगी का नाटक करते हैं। चांदी की ईंट, जेवर, नकदी और विदेशी चंदे में गड़बड़ी पाई गई है। आरएसएस और विहिप से बड़ा बेईमान और गद्दार कोई नहीं है।”
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान एक कुंवारा और एक तलाकशुदा व्यक्ति पूजन में बैठ गया, जबकि परंपरा के अनुसार सपत्नीक पूजन होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि चंपत राय समेत सभी ट्रस्टियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
बेटे की हत्या का बदला लेने के लिए आरोपी के पिता की हत्या दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस राम मंदिर में दान चोरी के मुद्दे को गांव-गांव लेकर जाएगी। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में कांग्रेस ने दल और मंडल स्तर पर समितियां बनाई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को इस मामले की जानकारी देंगी।

