० जनता की शिकायतों को नम्रतापूर्वक सुनने और उनके साथ पेशेवर एवं गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित की जाए-डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर
० बीट प्रभारियों के मोबाईल नंबर के पोस्टर गांवों और वार्डो में लगाने के निर्देश
सूरजपुर, 29 जून (आरएनएस)। जिले के थाना-चौकी के बीट प्रणाली को मजबूत और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शनिवार, 27 जून 2026 को कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य बुनियादी पुलिसिंग को सुदृढ़ करना और जनता के बीच सुरक्षा की भावना बढ़ाना था जिसमें जिलेभर के पुलिस अधिकारी व बीट प्रभारी मौजूद रहे। जिले के 22 थाना-चौकी क्षेत्रों के कुल 558 ग्रामों के लिए 70 बीट बनाई हैं। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने बीट प्रणाली को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कराये जाने के सम्बन्ध में पुलिस रेगुलेशन के पैरा के अनुसार कानून व्यवस्था एवं अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस हल्कों एवं बीट व्यवस्था में दिये गये निर्देशों को विस्तार से बताया।
इस अवसर पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि बीट प्रणाली पुलिस व्यवस्था का सबसे जमीनी और महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बीट क्षेत्र के लिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे किसी भी सूचना, सावधानी की जानकारी को प्रत्येक बीट के नागरिक को अवगत कराया जा सके इसके लिए बीट प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाई जाए, बीट क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर आम नागरिकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करें, जमीनी स्तर पर असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करते हुए सटीक जानकारी हासिल करते हुए फौरन एक्शन ले, क्षेत्र में होने वाले अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाए ताकि पुलिस-जनता के बीच आपसी विश्वास और मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, बुजुर्गो की मदद और युवाओं को जागरूक करना भी बीट प्रणाली का हिस्सा है इसे मजबूती से की जाए।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, एसडीओपी ओडग़ी राजेश जोशी, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, डीएसपी अजाक रीना नीलम कुजूर, डीएसपी अनूप एक्का, जिले थाना-चौकी प्रभारी सहित सभी बीट प्रभारी मौजूद रहे।
बीट प्रभारियों के मोबाईल नंबर के पोस्टर गांवों और वार्डो में लगाने के निर्देश।
डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने पुलिस अधिकारियों व बीट प्रभारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की सुविधा के लिए बीट अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर के पोस्टर गांवों और वार्डों में लगाए ताकि आमजनता अपनी समस्या, शिकायतों को फौरन पुलिस के संज्ञान में ला सके और उसका समाधान करा सके। उन्होंने विशेष तौर पर कहा कि जनता की शिकायतों को नम्रतापूर्वक सुनना और उनके साथ पेशेवर एवं गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित की जाए।
बीट प्रभारियों की जिम्मेदारी हुई तय।
बीट क्षेत्र के प्रत्येक गतिविधियों, अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा व जागरूकता के लिए नागरिकों को जागरूक करने की जिम्मेदारी तय की गई है। बीट क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों, वारंटियों और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों की सूची अपडेट रखें और उनकी दैनिक हरकतों पर कड़ी नजर रखें। बीट प्रभारी व अधिनस्थ कर्मी बीट में कब भ्रमण पर गए, क्या देखा, किससे मिला और क्या कार्यवाही की उसकी रिपोटिंग प्रत्येक दिवस थाना प्रभारी को करने होगी और उसका रिकार्ड संधारण बीट बुक में संधारित करना होगा जिसका प्रत्येक माह संबंधित एसडीओपी बीट बुक को चेक करेंगे।
महिला सुरक्षा पर फोकस। महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के पास विशेष निगरानी रखने, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी, हाट-बाजारों तथा महिला समूह के आयोजनों के दौरान महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े पहुलओं, कानूनी जानकारियों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
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