कुशीनगर, 30 जून (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद, बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के दिशा निर्देशों के क्रम में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद में आधुनिक रोवर तकनीक से भूमि पैमाइश के कार्यों को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपादित किए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस तकनीक के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कुशीनगर जनपद में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीम गठित कर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा – 24 के अन्तर्गत होने वाले भूमि पैमाइश संबंधी मामलों का निस्तारण किया जायेगा।
कुशीनगर जिला प्रशासन के हवाले से जिला सूचना कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस टीम में एक नायब तहसीलदार, एक राजस्व निरीक्षक, आरआई तथा दो लेखपाल शामिल होंगे। जिन्होंने रोवर तकनीक का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। गठित टीम जनपद के विभिन्न गांवों में जाकर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा- 24 के अंतर्गत होने वाले भूमि पैमाइश संबंधी मामलों का निस्तारण करेगी। रोवर तकनीक के उपयोग से पैमाइश की प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक एवं त्रुटिरहित होगी। जिससे मानवीय गलतियों की संभावना कम होगी तथा भूमि विवादों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण में सहायता मिलेगी। जिला प्रशासन ने बताया है कि आधुनिक तकनीक के समावेशन से राजस्व कार्यों में गति आएगी तथा ग्रामीणों को अपनी भूमि की पैमाइश के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। गठित विशेष टीम शीघ्र ही आवंटित गांवों में पहुंचकर पैमाइश का कार्य प्रारंभ करेगी।
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