लखनऊ (आरएनएस ), 30 जून। लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) ने टाटा ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस)-2025 रिपोर्ट का विमोचन किया। रिपोर्ट में कक्षा 1 और 2 के शिक्षण-अधिगम व्यवहारों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कक्षा-कक्ष की गुणवत्ता सुधार के लिए साक्ष्य-आधारित सुझाव दिए गए हैं।रिपोर्ट का विमोचन अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थसारथी सेन, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार, समग्र शिक्षा के अधिकारियों, टाटा ट्रस्ट, एलएलएफ, डायट, जिला शिक्षा अधिकारियों तथा शिक्षकों की उपस्थिति में किया गया। यह कार्यक्रम “पॉलिसी टू प्रैक्टिस डायलॉग: ट्रांसफॉर्मिंग क्लासरूम प्रैक्टिसेज” विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा नीति और विद्यालयी शिक्षण के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई।रिपोर्ट के लिए नवंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच बहराइच, बरेली, मिर्जापुर और रायबरेली के 200 विद्यालयों तथा 200 कक्षाओं का अध्ययन किया गया। सर्वेक्षण के दौरान कक्षा-कक्ष के वातावरण, पाठ संचालन, समय के उपयोग और शिक्षकों के साक्षात्कार के माध्यम से छह प्रमुख आयामों—कक्षा वातावरण, पाठ योजना एवं संचालन, भाषा शिक्षण, गणित शिक्षण, समय प्रबंधन और शिक्षक दृष्टिकोण—का मूल्यांकन किया गया।रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था के कई सकारात्मक पक्ष सामने आए हैं। सर्वे के अनुसार 97 प्रतिशत कक्षाओं में कार्यशील श्यामपट्ट उपलब्ध मिले, 97 प्रतिशत शिक्षक बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) के अधिगम लक्ष्यों से परिचित पाए गए, 94 प्रतिशत शिक्षकों को क्लस्टर और ब्लॉक संसाधन समन्वयकों से शैक्षणिक सहयोग प्राप्त हुआ तथा 78 प्रतिशत शिक्षक विद्यार्थियों के अधिगम मूल्यांकन का लिखित अभिलेख रखते मिले।हालांकि रिपोर्ट में समावेशी शिक्षण को और मजबूत बनाने, बेहतर पाठ योजना तैयार करने, विद्यार्थियों को प्रभावी प्रतिपुष्टि देने, कक्षा में बच्चों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने, भाषा और गणित शिक्षण को अधिक संवादात्मक बनाने तथा शिक्षकों के सतत व्यावसायिक प्रशिक्षण और सहयोग को सुदृढ़ करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन ने निर्देश दिए कि रिपोर्ट में शामिल 10 प्रमुख सिफारिशों पर आगामी शिक्षक क्लस्टर बैठकों में अनिवार्य रूप से चर्चा की जाए और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्यालय स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जाए।टाटा ट्रस्ट की प्रतिनिधि ज्योत्सना तथा एलएलएफ के संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक डॉ. धीर झिंगरन ने कहा कि बच्चों के सीखने में स्थायी सुधार तभी संभव है, जब प्रत्येक कक्षा में गुणवत्तापूर्ण, सहभागी और बाल-केंद्रित शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट राज्य में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए नीति निर्माण और विद्यालय स्तर पर सुधारात्मक प्रयासों का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

