बोनी का समय, समितियों के चक्कर लगा रहे अन्नदाता; ऑनलाइन रिकॉर्ड में ‘निलÓ दिखने से बढ़ी चिंता
गोपालगंज 30 जून (आरएनएस)। विकासखंड सिवनी के अंतर्गत आने वाले लालमाटी क्षेत्र के ग्राम गोपालगंज में खरीफ सीजन की बोनी के बीच किसानों को डीएपी (एनपीके) खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। धान और मक्का की बुवाई का समय होने के बावजूद किसानों को आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे अन्नदाता चिंतित और परेशान हैं।
किसानों का आरोप है कि शुरुआत में समिति द्वारा उपलब्ध खाद का टोकन कटवाकर उन्होंने केवल यूरिया एवं अन्य उर्वरक लिए थे, क्योंकि उस समय डीएपी उपलब्ध नहीं थी। अब जब समिति में डीएपी आने की जानकारी मिली तो किसानों ने अपने टोकन की ऑनलाइन स्थिति देखी, जिसमें डीएपी के सामने “निल” दर्शाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब उन्होंने डीएपी लिया ही नहीं, तो रिकॉर्ड में “निल” कैसे दिखाया जा रहा है? इसी कारण उन्हें डीएपी का वितरण नहीं किया जा रहा है।
इस स्थिति से किसानों में असमंजस और नाराजगी है। उनका कहना है कि समय पर डीएपी नहीं मिलने से धान और मक्का की बोनी प्रभावित हो सकती है। किसान लगातार समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
समिति के कर्मचारियों का कहना है कि खाद की उपलब्धता और वितरण की व्यवस्था उच्च स्तर से संचालित होती है तथा वे स्वयं इस संबंध में कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं।
किसानों का कहना है कि पहले उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए समितियों में लंबी कतारों का सामना करना पड़ा और अब खाद संकट के कारण खेती प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों एवं किसानों ने जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले की जांच कर ऑनलाइन रिकॉर्ड में आ रही गड़बड़ी को दूर किया जाए, पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराई जाए तथा किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराकर खरीफ बोनी प्रभावित होने से बचाया जाए।
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