इंजी. पीयूष शर्मा को इंटरनैशनल बुक ऑफ रिकॉड्र्स से मिली मान्यता
सिरसा 1 जुलाई (आरएनएस)। हरियाणा के सिरसा निवासी युवा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इंजी. पीयूष शर्मा ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर भारत के सबसे युवा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ के रूप में उन्हें इंटरनैशनल बुक ऑफ रिकॉड्र्स द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि से न केवल सिरसा, बल्कि पूरे हरियाणा और देशभर में खुशी और गर्व का माहौल है। डिजिटल युग में जहां साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं इंजी. पीयूष शर्मा पिछले कई वर्षों से साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने साइबर सुरक्षा को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने, युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोडऩे और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सिरसा जैसे शहर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। अपनी मेहनत, लगन और तकनीकी ज्ञान के बल पर इंजी. पीयूष शर्मा ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक अलग स्थान बनाया है। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और तकनीकी मंचों पर साइबर सुरक्षा से संबंधित अनेक सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी इंजी. पीयूष शर्मा को हरियाणा के सबसे युवा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ के खिताब से सम्मानित किया जा चुका है। साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान ने उन्हें प्रदेशभर में एक विशेष पहचान दिलाई है। अब इंटरनैशनल बुक ऑफ रिकॉड्र्स द्वारा मिली नई मान्यता ने उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों और उपलब्धियों ने अनेक युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया है। वे लगातार युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और एथिकल हैकिंग के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। इंटरनैशनल बुक ऑफ रिकॉड्र्स द्वारा मिली यह पहचान उनके वर्षों के परिश्रम, समर्पण और तकनीकी उत्कृष्टता का परिणाम है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि छोटे शहरों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी अपने ज्ञान, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकती हैं। इंजी. पीयूष शर्मा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, सहयोगियों और उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी वे साइबर सुरक्षा जागरूकता, डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते रहेंगे तथा युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
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