सुलतानपुर 1 जुलाई (आरएनएस)। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा जन-मानस एवं लाभार्थियों को विभाग की सेवाओं, पोषण प्रबन्धन, कुपोषण से बचाव के उपाय एवं सतत विकास लक्ष्य-2 के अन्तर्गत वर्ष 2030 तक कुपोषण की दर में कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में विभागीय कार्यक्रमों के प्रभारी क्रियान्वयन, अन्तर्विभागीय समन्वय, तथा निगरानी एवं मूल्यांकन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना है। जिससे शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी लायी जा सके। इस हेतु बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से वर्ष 2021 से नवाचार के रूप में आयोजित संभव अभियान के अन्तर्गत गम्भीर कुपोषण से ग्रसित बच्चों के चिन्हांकन, उपचार, सन्दर्भन एवं सामुदायिक स्तर पर उनके प्रबंधन के साथ-साथ कुपोषण की रोकथाम हेतु सामुदायिक व्यहार में परिवर्तन लाने के प्रयास किए जा रहे है। संभव अभियान का मुख्य उददेश्य गर्भावस्था के दौरान पोषण पर ध्यान केन्द्रित करना एवं प्रसवपूर्व जांच एवं प्रसव के बाद की देखभाल की समयबद्ध और नियमित जांच कराना जन्म से कम वजन वाले नवजातों पर ध्यान केन्द्रित करना, गंभीर कुपोषण से पीडित बच्चों की समय पर पहचान,उपचार और प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। इस वर्ष भी संभव अभियान का आयोजन बाल विकास, पंचायती राज एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से 01 जुलाई 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक किया जा रहा है, जिसके क्रम में 01 जुलाई 2026 को शैलेन्द्र प्रताप सिंह सदस्य विधान परिषद, द्वारा पोषण शपथ दिलाते हुए हरी झण्डी दिखाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
इस कार्यक्रम में डा0 भरत भूषण मुख्य चिकित्साधिकारी सुलतानपुर एवं शरद कुमार त्रिपाठी जिला कार्यक्रम अधिकारी सुलतानपुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी दयाराम, फूल कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, ममता नायक, मुख्य सेविका मीना सिंह, सविता गुप्ता,नेहा यादव उमेश तिवारी, डीसी पोषण अभियान डीपीए अमरपाल तथा आंगनवाडी कार्यकत्री के साथ उपस्थित रहे।
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