बीजापुर,01 जुलाई (आरएनएस)। कभी माओवादी आतंक और हिंसा के कारण वीरान पड़े पीडिया क्षेत्र में अब बच्चों की किलकारियां और स्कूल की घंटियां सुनाई देने लगी हैं। 21 वर्षों तक बंद रहने के बाद बीजापुर जिले के पीडिया क्षेत्र के 11 स्कूलों का पुन: संचालन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रयासों से अब 11 गांवों के 539 बच्चों को अपने ही गांव में शिक्षा का अधिकार मिल रहा है। यह केवल स्कूलों के पुन: खुलने की कहानी नहीं, बल्कि भय से विश्वास और अंधकार से ज्ञान की ओर बढ़ते बस्तर की नई पहचान है।
प्रवेशोत्सव में दिखा उत्साह, बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत
पीडिया में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने 11 गांवों के शिक्षादूतों को रजिस्टर एवं शिक्षण सामग्री प्रदान की तथा बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन और स्लेट वितरित कर उनका विद्यालय में प्रवेश कराया।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम, जनपद उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी, सरपंच सन्नू अवलम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अतिथियों ने बच्चों का तिलक लगाकर, गुलाल लगाते हुए और ू खिलाकर उनका स्वागत किया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
शिक्षा ही विकास की पहली सीढ़ी
जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अब पीडिया क्षेत्र विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और शिक्षा उसकी सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यालयों में भवन, पेयजल, बिजली सहित सभी आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी।
जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम ने कहा कि पीडिया में बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग देखना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और खुशी का क्षण है। यह बदलाव विकास की नई दिशा तय करेगा।
जनपद उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी ने कहा कि वर्षों बाद गांवों में स्कूलों का फिर से खुलना ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन बधाई के पात्र हैं।
सरपंच सन्नू अवलम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण शिक्षा के विकास में हरसंभव सहयोग करेंगे।
21 साल बाद इन 11 गांवों में लौटी शिक्षा
सलवा जुडूम के दौरान माओवादी हिंसा के कारण पीडिया क्षेत्र के कई स्कूल बंद हो गए थे और उनके भवन भी ध्वस्त कर दिए गए थे। अब जिन गांवों में विद्यालयों का पुन: संचालन शुरू हुआ है, उनमें पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी शामिल हैं। इन गांवों के बच्चों को अब शिक्षा के लिए दूरस्थ क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस वर्ष 37 बंद स्कूलों का हुआ पुन: संचालन
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने बताया कि कलेक्टर विश्वदीप एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की पहल पर जिले में बंद स्कूलों को मूल गांवों में पुन: संचालित करने का अभियान लगातार जारी है। इस वर्ष अब तक 20 प्राथमिक एवं 17 उच्च प्राथमिक, कुल 37 स्कूलों का संचालन दोबारा शुरू किया जा चुका है। इन विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।शिक्षा से सभी को जोडऩा हमारी प्राथमिकता — कलेक्टर विश्वदीप
कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि जिले में 21 वर्षों से बंद पड़े विद्यालयों को माओवाद से मुक्ति मिलने के बाद पुन: संचालित किया गया है। वर्तमान में 37 स्कूलों का संचालन शुरू किया जा चुका है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक गांव तक शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर बच्चे को उसके मूल गांव में शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन का लक्ष्य है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
बदलते बस्तर की नई तस्वीर
पीडिया क्षेत्र में 21 वर्षों बाद स्कूलों का पुन: खुलना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और विश्वास की वापसी का प्रतीक है। जिन गांवों में कभी बंदूक की आवाज गूंजती थी, वहां आज बच्चों की पाठशालाएं सज रही हैं। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि बीजापुर अब आतंक की छाया से निकलकर शिक्षा, विकास और सुशासन के नए युग की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।
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