# मलेशिया में 35वीं इंटरनेशनल पब्लिशर्स कांग्रेस में भारत के सबसे बड़े प्रकाशक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेगा फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP)
नई दिल्ली, 01 जुलाई (आरएनएस)। भारतीय प्रकाशन उद्योग के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP), जो इंटरनेशनल पब्लिशर्स एसोसिएशन (IPA) का भारत से एकमात्र सदस्य संगठन है, 5 से 9 जुलाई 2026 तक मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित होने वाली 35वीं इंटरनेशनल पब्लिशर्स कांग्रेस (IPC 2026) में भारत के अब तक के सबसे बड़े प्रकाशक प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व करेगा। इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन में भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कॉपीराइट, डिजिटल इनोवेशन, राइट्स ट्रेडिंग और पब्लिशिंग इंडस्ट्री के भविष्य जैसे अहम मुद्दों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा और वैश्विक विमर्श में सक्रिय भागीदारी निभाएगा।
इंटरनेशनल पब्लिशर्स एसोसिएशन (IPA), जिनेवा और मलेशियन बुक पब्लिशर्स एसोसिएशन (MABOPA) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रकाशक, लेखक, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, राइट्स प्रोफेशनल्स और प्रकाशन उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल होंगे। “पब्लिशिंग इंटेलिजेंस, सस्टेनिंग फ़ॉरवर्ड” थीम पर आधारित इस सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि प्रकाशन उद्योग किस तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा-ड्रिवन डिसीजन मेकिंग और उभरती हुई टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए क्रिएटिविटी, कॉपीराइट, सस्टेनेबिलिटी, इन्क्लूसिविटी और प्रकाशन की स्वतंत्रता को सुरक्षित रख सकता है। एफआईपी ने शिक्षा, अकादमिक, ट्रेड, प्रोफेशनल, चिल्ड्रन्स, डिजिटल, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और पब्लिक सेक्टर पब्लिशिंग से जुड़े प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों को इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया है। यह प्रतिनिधिमंडल वैश्विक पब्लिशिंग इकोसिस्टम में भारत की लगातार मजबूत होती भूमिका और पब्लिशिंग पॉलिसी, इनोवेशन तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग में उसके बढ़ते योगदान को दर्शाता है।कांग्रेस के दौरान भारत के दो प्रमुख प्रतिनिधि विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे। 6 जुलाई को फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स के उपाध्यक्ष और IPA डेटा एंड स्टैटिस्टिक्स कमेटी के अध्यक्ष श्री प्रणव गुप्ता “गेटवे टू साउथ-ईस्ट एशिया: एंट्री पाथ्स, पिटफॉल्स एंड पेऑफ्स” विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह दक्षिण-पूर्व एशिया में मार्केट एंट्री स्ट्रैटेजी, राइट्स ट्रेडिंग, क्रॉस-बॉर्डर पार्टनरशिप्स और नए बिजनेस अवसरों पर अपने विचार साझा करेंगे। पिछले छह दशकों से अधिक समय से एफआईपी प्रकाशन क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, कॉपीराइट संरक्षण, पढ़ने की संस्कृति को प्रोत्साहित करने, प्रकाशन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने के साथ-साथ भारतीय प्रकाशन उद्योग के हितों के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

