महासमुंद, 01 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सरकारी योजना और फ्री कुकर का लालच देकर 138 महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन निकालने वाले करोड़ों रुपये के ठगी सिंडिकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बसना पुलिस ने मामले में दो मुख्य आरोपियों लक्ष्मीचंद देवांगन और मनोहर जटवार को गिरफ्तार किया है। दोनों बैंक के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) के रूप में कार्यरत थे और अपनी आईडी का दुरुपयोग कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे।पुलिस के अनुसार, ग्राम पिरदा की महिलाओं को शासकीय योना का लाभ और मुफ्त कुकर दिलाने का झांसा दिया गया। इसके बाद आधार कार्ड लेकर बायोमेट्रिक मशीन में ‘सिस्टम एररÓ का बहाना बनाते हुए एक ही महिला के 3 से 4 बार फिंगरप्रिंट लिए गए। इसी दौरान मोबाइल पर आए ओटीपी का इस्तेमाल कर महिलाओं की जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर 50,450 रुपये और 58,000 रुपये तक के फर्जी लोन स्वीकृत करा दिए गए।जांच में खुलासा हुआ कि इस तरीके से ग्राम पिरदा की 138 महिलाओं के नाम पर फर्जी ऋण निकालकर करोड़ों रुपये का गबन किया गया। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि बैंक बीसी लक्ष्मीचंद देवांगन और मनोहर जटवार ने मुख्य एजेंट सुदर्शन साहू के साथ मिलकर पूरे षड्यंत्र को अंजाम दिया। सुदर्शन साहू को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।बसना पुलिस ने 1 जुलाई को दोनों मुख्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बायोमेट्रिक मशीन और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 238, 61(2) और 317(4) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में बैंक कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
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