रायपुर, 01 जुलाई (आरएनएस)। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुए विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। कार्रवाई के दौरान कथित तोडफ़ोड़ और प्रशासनिक अधिकारियों से धक्का-मुक्की के मामले में पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान बुलडोजर में तोडफ़ोड़ और अधिकारियों के साथ झूमाझटकी की घटना सामने आई। मामले में माना थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 121, 191(1) और 191(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस घटनास्थल के वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
गौरतलब है कि विधायक कॉलोनी परियोजना के लिए नकटी गांव में करीब 80 मकानों को हटाया गया, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के 32 मकान भी शामिल बताए गए हैं। कार्रवाई से पहले क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
कार्रवाई के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने मौके के पास धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि वर्षों से संयुक्त परिवार के रूप में अलग-अलग मकानों में रहने के बावजूद पुनर्वास के तहत प्रत्येक परिवार को केवल एक आवास देने की बात कही जा रही है, जिससे वे असंतुष्ट हैं।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, पात्र परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की कार्रवाई जारी है और नियमानुसार सभी को पुनर्वास उपलब्ध कराया जाएगा।
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