बिलासपुर, 01 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में प्रतिदिन सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र, शांति मंत्र और भोजन मंत्र के अनिवार्य पाठ के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में इस आदेश को असंवैधानिक बताते हुए इसे निरस्त करने और इसके क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता डॉ. आमिर खान ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि यह आदेश भारतीय संविधान के अनुच्छेद 28 के विपरीत है, जो राज्य द्वारा पूर्ण रूप से वित्तपोषित शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक अनुष्ठानों पर रोक लगाता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह आदेश अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 21 (गरिमामय जीवन का अधिकार) और अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) का भी उल्लंघन करता है।याचिका में तर्क दिया गया है कि विद्यालय शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संवैधानिक मूल्यों का केंद्र होना चाहिए, न कि किसी विशेष धार्मिक परंपरा के प्रचार का माध्यम। संविधान प्रत्येक नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता और राज्य की धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करता है।फिलहाल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हो चुकी है। मामले में राज्य शासन का पक्ष और अदालत का निर्णय आना बाकी है।
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