New Delhi 02 Jully (rns) /- सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत 1 नवंबर से सरकारी और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति को सीमित किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, दफ्तरों में एक समय पर केवल 50 % कर्मचारी ही काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। यह व्यवस्था प्रदूषण के स्तर को कम करने और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाने के उद्देश्य से लागू की जाएगी।
इसके साथ ही दिल्ली में वाहनों की पार्किंग दरों को दोगुना करने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि पार्किंग शुल्क बढ़ने से लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करेंगे और सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ेंगे। सरकार ने सर्दियों के दौरान लागू होने वाले ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की पाबंदियों को अब पूरे सीजन के लिए लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत GRAP के अलग-अलग चरणों में लगने वाले प्रतिबंध हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक स्वत: प्रभावी रहेंगे।
दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू किए गए नए दिशा-निर्देशों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि इन नियमों में पुराने सभी आदेशों को एकीकृत कर एक स्पष्ट, सरल और सख्त व्यवस्था तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था से सरकारी विभागों, संस्थानों और आम लोगों के लिए नियमों का पालन करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि अधिसूचना तैयार करते समय पिछले वर्षों के प्रदूषण स्तर, अनुभवों और वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। उन्होंने कहा कि नए दिशा-निर्देशों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी संशोधित ग्रैप और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों को भी शामिल किया गया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में हर साल नवंबर से फरवरी के बीच प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसी चुनौती को देखते हुए सरकार ने ऐसी स्थायी व्यवस्था लागू की है, जिससे हर साल अलग-अलग आदेश जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी

