सुल्तानपुर 2 जुलाई (आरएनएस)। इकलौती चीनी मिल सैदपुर में कार्यरत धीरेंद्र कुमार यादव सेवानिवृत होने पर उनके अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा उन्हें सह सम्मान बुलाकर माला पहनाकर मिठाई के डिब्बों के साथ अंग वस्त्र देते हुए उन पुरानी यादों के साथ विदा किया। धीरेंद्र की आंखों में खुशी के पल के साथ में उनको दुख भी था। कार्यकाल के उन सभी लोगों की यादें जो साथ में लोगों के साथ बिताए थे। बहुत से ऐसे अधिकारी कर्मचारी उनके जीवन काल में आए और गए कुछ के साथ अच्छा कुछ के साथ खट्टा व्यवहार उनका बना रहा। लेकिन आज उन सब दिनों को याद करके उनकी आंखों में खुशी के पल के साथ कुछ रुसवाईयां भी रही जो वह अपनी जुबान से बयान नहीं कर सकते तमाम ऐसी परिस्थितियां आई गई लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बहुत वाक्य ऐसा भी है कि अपने पूरे जीवन काल में कुछ परिस्थितियां उनके विपरीत भी रही है लेकिन कभी उनके वाणी में स्वभाव में या मेहनत में कमी नहीं आई यही सब आज उनके मन में अच्छी बुरी बातें सब चल रही थी। अपने जीवन काल में अपने उस अधिकारी को कभी नहीं भूलना चाहेंगे जो 24 घंटे उनके साथ हर परिस्थिति में खड़े मिले परिस्थित चाहे जो भी रही हो उस शख्स का नाम विवेक यादव जो सुल्तानपुर चीनी मिल में मुख्य अवर अभियंता वर्कशॉप विभाग में कार्यरत है जिनके अंदर में धीरेंद्र ने काम किया और अपने आप को सौभाग्यशाली भी मानते हैं कि ऐसे अधिकारी के साथ काम करने का हमको मौका मिला और आज के आखिरी दिन भी वह हमारे साथ हमें माला पहनकर हमको विदा किया। ऐसे अधिकारी को बारंबार चरण स्पर्श करने का हमें सौभाग्य मिले ऐसे अधिकारी अपने आप में बहुत कम मिलते हैं। जो अपने नीचे के कर्मचारी को कर्मचारी नहीं वह अपना दोस्त समझते हैं।
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