कुशीनगर, 02 जुलाई (आरएनएस)। जनपद के रविन्द्र नगर धूस थाना क्षेत्र के खुदुरा गांव में एक खूंखार काले बंदर का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते मंगलवार को उक्त बंदर ने मकान निर्माण कार्य में लगे एक मजदूर पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल मजदूर के हाथ में गहरा घाव होने के कारण 7 टांके लगाने पड़े हैं। घटना के बाद गांव में दहशत और लोगों में आक्रोश बढ़ गया हैं।
जानकारी के अनुसार शाहपुर कलवा पट्टी निवासी 35 वर्षीय सुरेश यादव पुत्र जदुनंद यादव खुदुरा गांव में एक मकान की छत डालने के कार्य में मजदूरों के साथ लगा हुआ था। इसी दौरान अचानक पहुंचे बंदर ने उस पर हमला कर दिया और हाथ को बुरी तरह नोच डाला। गंभीर रूप से घायल सुरेश को जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के दौरान उसके हाथ में 7 टांके लगाए गए है।ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण घायल को गोरखपुर जाकर इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी गई। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 20 दिनों से बंदर का आतंक जारी है और वह अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों को घायल कर चुका है। इससे पहले खुदुरा गांव के 84 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रमेश मिश्रा, उनके पुत्र सत्य प्रकाश मिश्रा, धर्मपुर बुजुर्ग निवासी विपिन सिंह, पलिया निवासी झब्बर मिश्रा, बल्लम प्रताप सिंह तथा चंदन मिश्रा सहित कई लोगो को उक्त बंदर के हमले का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर बेहद आक्रामक हो चुका है और कई बार घरों में घुसकर भी लोगों पर हमला कर देता है। इसके चलते बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भय का माहौल बना हुआ है। लोग घरों से बाहर निकलने और खेत-खलिहानों में जाने से भी डरने लगे हैं। लगातार हो रहे हमलों के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए बंदर को पकड़वाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते बंदर को नहीं पकड़ा गया तो किसी दिन कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। एक ओर उक्त बंदर का बढ़ते आतंक और दूसरी ओर जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की अनुपलब्धता ने ग्रामीणों की चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ा दी है।
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