कुशीनगर, 02 जुलाई (आरएनएस)। जनपद के पडरौना तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुलेलहा स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के गुलेलहा नाथ मंदिर से अतिक्रमण हटाने के लिए सदर विधायक मनीष जायसवाल द्वारा एसडीएम पडरौना को दिए गए निर्देश के 15 दिन बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार मंदिर के जीर्णोद्धार और अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विधायक को प्रार्थना-पत्र सौंपा था। इस पर विधायक ने बीते 13 जून को पत्र के माध्यम से एसडीएम पडरौना को निर्देशित किया था कि “उक्त अतिक्रमण की हटवाने की व्यवस्था कराई जाए।” लेकिन निर्देश के दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मंदिर परिसर से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। जिससे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण मंदिर की भूमि लगातार अतिक्रमण की चपेट में है और ऐतिहासिक धरोहर खतरे में पड़ती जा रही है। प्रार्थना-पत्र में यह भी उल्लेख है कि सैकड़ों वर्षों से उपेक्षित इस प्राचीन मंदिर की स्थिति जर्जर हो चुकी है। मंदिर के चारों ओर अतिक्रमण बढ़ रहा है। जिससे धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत दोनों प्रभावित हो रही हैं। इससे पहले भी 10 जनवरी 2024 को तत्कालीन राज्यसभा सांसद कुंवर आर.पी.एन. सिंह के माध्यम से भी मामला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जनप्रतिनिधि के स्पष्ट आदेश के बाद भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है, तो आखिर किसके आदेश पर कार्यवाही होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाकर मंदिर की भूमि सुरक्षित करने और जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराने की मांग की है।
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