मजदूरों के भुगतान में नहीं होगी देरी
प्रयागराज 2 जुलाई (आरएनएस)। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है की 10 लाख करोड़ से अधिक खर्च करने के बाद भी मनरेगा से गांवों की दशा में सुधार नहीं हुआ है। वीबी रामजी के माध्यम से गांवों का सर्वांगीण विकास होगा। तालाब भी बनेगा और पर्यावरण संरक्षण का कार्य भी होगा। मनरेगा में 100 दिन रोजगार मिलता था लेकिन अब 125 दिन मिलेगा। 252 रुपया से बढ़ाकर 300 रुपया मजदूरी कर दी गई है।
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में गुरुवार को आयोजित ‘विकसित भारत ग्राम योजनाÓ के राष्ट्रीय स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों को शहरों जैसी मूलभूत सुविधाओं से लैस करना और प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण विकास की योजनाओं को एकीकृत तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे किसी भी जरूरतमंद को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश को पहली किस्त में करीब 6.18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं। जिन लाभार्थियों के पास भूमि नहीं है, उन्हें पट्टा उपलब्ध कराकर आवास निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवास मिलने के साथ ही लाभार्थियों को शौचालय, बिजली, पेयजल, आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य पात्र सरकारी सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन और समयबद्ध आवास निर्माण में देश में अग्रणी है। मनरेगा के तहत रोजगार सेवकों के भुगतान में होने वाली देरी को दूर करने के लिए प्रशासनिक मद 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है। साथ ही फर्जी जॉब कार्ड बनाकर धन निकासी पर रोक लगाने और मजदूरों को समय पर पूरा पारिश्रमिक उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मनरेगा के श्रमिकों का कौशल विकास कर उन्हें राजमिस्त्री एवं अन्य तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता से जोडऩे के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण युवा और महिलाएं अपना रोजगार शुरू कर सकें।
उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर, सिंचाई सुविधाओं, ग्रामीण आधारभूत ढांचे और एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में विकास को नई गति मिल रही है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे।
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