प्रयागराज 2 जुलाई (आरएनएस)। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर बीती 30 जून को आलोक मिश्रा वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य की अगुवाई में मसाल जुलूस
लखनऊ में निकाला गया।
इस अवसर पर एडवोकेट प्रोटेक्शन मांग को लेकर विमल सोनकर कार्यकारिणी सदस्य, आयुष मिश्रा साथ में मुख्य रूप से दीपू सोनकर पूर्व पार्षद प्रत्याशी लखनऊ में गए। वहां पर विशाल महा जुलूस निकाला गया। जहां पर सरकार के द्वारा पुलिस के बल फरउनको आगे बढऩे से रोक रहे थे। जब आलोक मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं को रोकने में नाकाम हो गया तो उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को आगे किया और उनको केडी बाबू स्टेडियम से आगे बढऩे नहीं दिया गया।
मौके पर बहुत ज्यादा मामला गर्मा गया। इसी दौरान छीना-झपटी में जुलूस में शामिल दीपू सोनकर का हाथ झुलस गया।
उसके बाद अधिकारियों के बीच बचाव के बाद वहां पर ज्ञापन एडिशनल सीपी दुबे और एसीपी रजनीश वर्मा के द्वारा लिया गया। इस अवसर पर आलोक मिश्रा ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री हो चाहे राष्ट्रपति हो कहीं ना कहीं अगर कोई मामला पडता है तो उसे अधिवक्ता की जरूरत है। इस तरह अधिवक्ताओं को रोकने का मतलब देश की दूसरी आजादी की लड़ाई का अवसर देना।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

