नई दिल्ली,03 जुलाई(आरएनएस)। राजधानी दिल्ली में दक्षिण जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है. पुलिस ने करीब 9 करोड़ रुपये कीमत की 8.598 किलो हाई क्वालिटी चरस बरामद करते हुए तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क भारत-नेपाल सीमा के रास्ते चरस दिल्ली लाकर व्हाट्सएप के जरिए दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम को सूचना मिली थी कि कोटला मुबारकपुर इलाके में रहने वाले कुछ लोग बड़े पैमाने पर चरस की तस्करी कर रहे हैं. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कई दिनों तक निगरानी की और फिर 29 जून को आरोपियों के ठिकाने पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8 किलो 598 ग्राम हाई क्वालिटी चरस बरामद की. पुलिस के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इस चरस की कीमत करीब 9 करोड़ रुपये आंकी गई है.
भरत थापा, गोविंद बुढ़ा और ज्योति पुन मगर के रूप में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हुई है. जांच में सामने आया कि ज्योति पुन मगर इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था, जो भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर से चरस दिल्ली लाता था. इसके बाद भरत थापा और गोविंद बुढ़ा दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में इसकी सप्लाई करते थे. पुलिस का कहना है कि आरोपी व्हाट्सएप के जरिए ऑर्डर लेते थे, डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से भुगतान स्वीकार करते थे और हर डिलीवरी के बाद चैट व कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर देते थे, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके. डिलीवरी के लिए ऑटो-रिक्शा और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया जाता था.
डीसीपी साउथ अनंत मित्तल ने कहा कि स्पेशल स्टाफ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई. तीनों आरोपियों के कब्जे से 8.598 किलोग्राम हाई क्वालिटी चरस बरामद हुई है. शुरुआती जांच में पता चला है कि यह मादक पदार्थ भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर से दिल्ली लाया जाता था. फिलहाल आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है. साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नेपाल में बैठे सप्लायर की तलाश भी जारी है.
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