# दुनिया के सबसे बड़े पब्लिशिंग फोरम में साउथ-ईस्ट एशिया के पब्लिशिंग मार्केट और बुक फेयर्स के भविष्य पर रखेंगे भारत का पक्ष
नई दिल्ली , 03 जून (आरएनएस)। ग्लोबल पब्लिशिंग इंडस्ट्री में भारत की बढ़ती पहचान एक बार फिर दुनिया के सामने दिखाई देगी। फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) के वाइस प्रेसिडेंट श्री प्रणव गुप्ता और नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT), भारत, शिक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर श्री युवराज मलिक 35वें इंटरनेशनल पब्लिशर्स कांग्रेस (IPC) 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दोनों सम्मेलन के दो महत्वपूर्ण सेशन्स में स्पीकर के रूप में हिस्सा लेंगे। यह कांग्रेस 5 से 9 जुलाई 2026 तक कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित होगी। इंटरनेशनल पब्लिशर्स एसोसिएशन (IPA), जिनेवा द्वारा आयोजित और मलेशियन बुक पब्लिशर्स एसोसिएशन (MABOPA) की मेजबानी में होने वाली इस कांग्रेस में दुनिया भर के पब्लिशर्स, ऑथर्स, पॉलिसी मेकर्स, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स और पब्लिशिंग इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल्स हिस्सा लेंगे। “पब्लिशिंग इंटेलिजेंस, सस्टेनिंग फॉरवर्ड” थीम पर आधारित इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कॉपीराइट, डिजिटल इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, मार्केट इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी।
1973 में स्थापित फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) भारत के पब्लिशिंग इंडस्ट्री का प्रमुख प्रतिनिधि संगठन है। यह एजुकेशनल, अकादमिक, साइंटिफिक, टेक्निकल, प्रोफेशनल, ट्रेड, चिल्ड्रन्स और डिजिटल पब्लिशिंग से जुड़े प्रकाशकों का प्रतिनिधित्व करता है। इंटरनेशनल पब्लिशर्स एसोसिएशन (IPA), जिनेवा में भारत का यह एकमात्र सदस्य संगठन है।
एफआईपी का उद्देश्य भारत में पब्लिशिंग एक्सीलेंस को बढ़ावा देना, कॉपीराइट प्रोटेक्शन सुनिश्चित करना, रीडिंग कल्चर को प्रोत्साहित करना, फ्रीडम टू पब्लिश का समर्थन करना, इंटरनेशनल कोलैबोरेशन को मजबूत करना तथा भारतीय पब्लिशिंग समुदाय के दीर्घकालिक हितों की रक्षा करना है.

