हरियाणा 05 Jully (Rns) /- हरियाणा सरकार ने संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए दैनिक टोकन की संख्या अधिकतम 20 प्रति कार्यालय निर्धारित कर दी है। इसके साथ ही पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के तहत अब डिजिटल हस्ताक्षर, ई-केवाईसी और एनआरआई के लिए वीडियो कॉल से रजिस्ट्री की सुविधा शुरू की गई है।
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने संपत्ति पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को बेहद सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब तहसील और उप-मंडल स्तर पर प्रत्येक पंजीकरण कार्यालय के लिए दैनिक अपॉइंटमेंट की संख्या को अधिकतम 20 टोकन प्रति कार्यालय तक सीमित कर दिया गया है। प्रदेश के सभी तहसील और उपमंडल स्तर के कार्यालयों में यह नई टोकन-आधारित व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी गई है, जबकि उपतहसील स्तर पर पहले की तरह ही संपत्तियों की रजिस्ट्री का काम चलता रहेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजीकरण में होने वाली अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार को पूरी तरह से समाप्त करना है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को इस नई व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा ये टोकन दैनिक और पूरी तरह रैंडम आधार पर ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में होने वाले पक्षपात या किसी भी तरह के वीआईपी ट्रीटमेंट को जड़ से खत्म करना है। इस नई व्यवस्था से सेल डीड और अन्य संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए आने वाले सभी आम और खास आवेदकों को समान अवसर मिल सकेंगे और बिना किसी सिफारिश के काम समय पर पूरा होगा।

