गरियाबंद, 05 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। गरियाबंद जिले में मूसलाधार बारिश के चलते कुसमी-छुरा मार्ग पर स्थित लगभग 40 वर्ष पुराना कुसुमबोड़ा पुल टूट गया, जिससे दर्जनों गांवों का छुरा मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

जानकारी के अनुसार, यह पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। पुल टूटने के बाद कुसमी, नवापारा, सारागांव, दुल्ला, चुरकीदादार और बम्हनी सहित कई गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। यह मार्ग ओडिशा के नुआपड़ा जिले को भी जोड़ता है, जिससे अंतरराज्यीय व्यापार भी प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवागमन बहाल करने के लिए जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा नए पुल का निर्माण कराया जाए।
इधर, लगातार बारिश के कारण छुरा और फिंगेश्वर तहसील में पिछले 24 घंटों के दौरान 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। भारी बारिश से तापमान में गिरावट आई है, लेकिन कई परिवारों के सामने नई मुश्किलें भी खड़ी हो गई हैं।
फिंगेश्वर के कुम्हार पारा में जलभराव की स्थिति बनने से कई कुम्हार परिवारों के घरों में पानी घुस गया। घरों में रखे मिट्टी के बर्तन और तैयार उत्पाद पानी में खराब और टूट गए, जिससे परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। प्रभावित परिवार देर रात से घरों से पानी निकालने में जुटे रहे।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जर्जर पुल-पुलियों के आसपास सावधानी बरतने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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