कवर्धा, 05 जुलाई (आरएनएस)। कबीरधाम जिले के बोड़ला वन परिक्षेत्र अंतर्गत भलपहरी बीट के जंगल में चीतल के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। वन विकास निगम की स्पेशल टीम ने आधी रात छापेमार कार्रवाई कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने फंदा लगाकर चीतल का शिकार किया था और उसके मांस की दावत की तैयारी कर रहे थे।
वन विभाग के अनुसार, घटना भलपहरी बीट के आरएफ-2/6 कक्ष की है। शिकारियों ने पहले नायलॉन के जाल और लोहे के तार से बने फंदे की मदद से चीतल को फंसाया, फिर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वे मृत चीतल के मांस के टुकड़े कर उसे पकाने की तैयारी में जुटे थे।
इसी दौरान वन विकास निगम की स्पेशल टीम को सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने अलग-अलग गांवों में छापेमारी कर सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन के जाल, लोहे के फंदे, लकड़ी के डंडे तथा तीन कुल्हाडिय़ां बरामद की गईं। मौके से अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।
वन विकास निगम के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं तथा भारतीय वन अधिनियम के गैर-जमानती प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों का अवैध शिकार गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करें तथा शिकार जैसी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें, ताकि जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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