कोलकाता। बंगाल में सरकार तो बदल गई है लेकिन रंगदार और रंगदारी नहीं बदली है। इसका प्रमाण उक्त घटना से मिलता है।
महानगर कोलकाता के काशीपुर इलाके में रंगदारी का विरोध करने पर एक लॉजिस्टिक्स कंपनी के मैनेजर आकाश कुमार मिश्रा पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हमले में गंभीर रूप से घायल मैनेजर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारिक समुदाय में दहशत का माहौल है और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, कोलकाता नगर निगम के वार्ड संख्या-6 स्थित काशीपुर इलाके में ‘रोहित लॉजिस्टिक्सÓ नामक कंपनी का गोदाम है। कंपनी के मालिक रोहित सिंह का आरोप है कि पिछले कुछ समय से कुछ स्थानीय असामाजिक तत्व उनसे लगातार मोटी रंगदारी की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर कर्मचारियों को डराया-धमकाया जा रहा था।
शनिवार देर रात, जब कंपनी के मैनेजर आकाश कुमार मिश्रा गोदाम से काम निपटाकर अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में करीब 20 लोगों के एक समूह ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया। हमलावरों ने धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे आकाश बुरी तरह लहुलुहान हो गए। ऐसे में गंभीर स्थिति में आकाश मिश्रा को तुरंत आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, हमले की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डॉक्टर को घायल मैनेजर के शरीर पर 96 टांके लगाने पड़े हैं। फिलहाल वह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
कंपनी के मालिक रोहित सिंह ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि,
“इस सिंडिकेट और रंगदारी के खिलाफ हम अब तक चार एफआईआर दर्ज करा चुके हैं, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हमले में शामिल करीब 20 लोगों में से मुख्य आरोपियों के नाम भी पुलिस को दिए गए हैं, पर अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”
रोहित सिंह ने राज्य सरकार और पुलिस डीजी से गुहार लगाई है कि व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच हो और सभी आरोपियों को जल्द से जल्द जेल भेजा जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए चितपुर थाना पुलिस तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी रंगदारी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। हमले की असली वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पूरी तरह खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य सरकार ने हाल ही में सिंडिकेट, जबरन वसूली और अवैध वसूली के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंसÓ की नीति अपनाने तथा प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद, कोलकाता के औद्योगिक क्षेत्र में सरेआम हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था और व्यापारियों की सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
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