रायपुर, 08 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित कोयला लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में दर्ज एफआईआर में पहले से ही रामगोपाल अग्रवाल और वैभव अग्रवाल दोनों के नाम शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल अभी भी फरार हैं, जबकि वैभव अग्रवाल से घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत की 24 घंटे की अवधि पूरी होने से पहले ईओडब्ल्यू वैभव अग्रवाल को विशेष न्यायालय में पेश कर सकती है।
इस मामले पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ईओडब्ल्यू सहित सभी जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पुराना मामला है और जिनके पास भी इससे संबंधित जानकारी है, उन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध करानी चाहिए। अब जांच एजेंसी वैभव अग्रवाल से पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
क्या है कोयला लेवी घोटाला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में कोयले के परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। आरोप है कि ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया को ऑफलाइन कर राज्य के कुछ वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की कथित मिलीभगत से कोयला परिवहनकर्ताओं से यह अवैध वसूली की जाती थी।
जांच में कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया को इस कथित सिंडिकेट का प्रमुख बताया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस अवधि में करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित लेवी वसूली के संचालन के लिए ‘पाल’, ‘दुर्ग’, ‘वीकली’, ‘टावर’, ‘टुडे’ और ‘जुगनू’ नाम से कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब तक इस मामले में 273 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति अटैच कर चुका है। इसके अलावा 11 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है तथा 35 आरोपियों के खिलाफ पांच चालान विशेष अदालत में पेश किए जा चुके हैं।
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