0 टेलीग्राम ग्रुप के जरिए अधिक मुनाफे का झांसा देकर कराया था निवेश, तीन मोबाइल जब्त; गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जार
रायपुर, 08 जुलाई (आरएनएस)। फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 74 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो अंतर्राÓयीय आरोपियों को रायपुर पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामले में साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल की संयुक्त मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना न्यू राजेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार न्यू राजेंद्र नगर निवासी बहादुर आर्य ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 17 अप्रैल 2026 को उन्होंने गूगल पर स्नह्रक्रश्वङ्ग ट्रेडिंग सर्च किया था। इसी दौरान उनका मोबाइल नंबर स्नढ्ढक्रस्ञ्जढ्ढस्नङ्घ नामक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ गया। ग्रुप के सदस्यों ने अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाकर उन्हें और उनके भतीजे को निवेश के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार संपर्क कर विभिन्न किश्तों में कुल 74 लाख रुपये निवेश करवा लिए। इसके बाद न तो कोई लाभ दिया गया और न ही निवेश की गई रकम वापस की गई।
शिकायत के आधार पर थाना न्यू राजेंद्र नगर में अपराध क्रमांक 159/2026 के तहत बीएनएस की धारा &18(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों, टेलीग्राम ग्रुप, व्हाट्सएप अकाउंट, डिजिटल प्रोफाइल और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया। बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल चेन एनालिसिस के आधार पर आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में मिली।
इसके बाद रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम राजस्थान पहुंची और लगातार कैंप कर तकनीकी साक्ष्यों तथा स्थानीय सूचनाओं के आधार पर दो आरोपियों मुकेश कुमार मीणा (26 वर्ष), निवासी जयपुर और संदीप कुमार (24 वर्ष), निवासी सीकर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और देश के अन्य राÓयों में की गई संभावित साइबर ठगी के मामलों का खुलासा किया जा सके।
रायपुर पुलिस ने बताया कि इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। साथ ही बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया आईडी की गहन जांच की जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
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