बिना किसी नए कर के 1,000 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व संग्रह
जगदीश यादव
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रशासनिक और आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर जहां पूर्ववर्ती ममता सरकार लगातार केंद्र पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाती थी, वहीं नई सरकार के गठन के मात्र एक महीने के भीतर बंगाल के इतिहास का एक बड़ा ‘आर्थिक चमत्कारÓ सामने आया है। शुभेंदु सरकार ने अपने पहले ही महीने के कार्यकाल में तय लक्ष्य से 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व इक_ा कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।
आर्थिक विशेषज्ञ इस उपलब्धि को हाल के दिनों में राजस्व संग्रह के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और रिकॉर्ड-तोड़ सफलता के रूप में देख रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि राज्य वही है, इंफ्रास्ट्रक्चर वही है और इसे चलाने वाले प्रशासनिक अधिकारी भी लगभग वही हैं, लेकिन इच्छाशक्ति और नीतियों के बदलते ही परिणाम पूरी तरह बदल गए।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को पद की शपथ ली थी। उनके कमान संभालते ही 9 मई से 9 जून के बीच हुए राजस्व संग्रह के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे पिछले वित्तीय वर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में 1,000 करोड़ रुपये अधिक हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय को पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में राजस्व वृद्धि का यह ग्राफ और तेजी से ऊपर की ओर जाएगा।
इस अप्रत्याशित सफलता के पीछे की रणनीति का खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने साफ कर दिया है कि सरकार ने जनता या व्यापारियों पर कोई भी नया टैक्स नहीं थोपा है। यह सफलता सीधे तौर पर सिस्टम में सालों से चली आ रही पुरानी संस्थागत ‘लीकेजÓ यानी भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी के रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक करने से मिली है। पारदर्शी व्यवस्था और कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के कारण जो पैसा पहले बिचौलियों और सिंडिकेट की जेब में जाता था, वह अब सीधे सरकारी खजाने (राजस्व) में पहुंच रहा है।
बहरहाल जो भी हो इस रिकॉर्ड राजस्व संग्रह ने पूर्ववर्ती ममता सरकार के उन दावों पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, जिसमें हमेशा राज्य की आर्थिक बदहाली की बात कहकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया जाता था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस ‘वित्तीय यू-टर्नÓ के बाद नई सरकार को राज्य में विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी योजनाओं को और तेजी से आगे बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।

