नकुल कुमार मंडल
हुगली 10 जुलाई (आरएनए स)। पश्चिम बंगाल के संकटग्रस्त जूट उद्योग को उबारने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के नए श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की सक्रिय पहल और मैराथन बैठकों के बाद हुगली जिले सहित राज्य की बंद पड़ी जूट मिलों के दरवाजे दोबारा खुलने जा रहे हैं। श्रम मंत्रालय की इस ऐतिहासिक मध्यस्थता से हुगली जिले की महत्वपूर्ण
चंदन नगर की गोंदल पड़ा जूट मिल, श्रीरामपुर की इंडिया जूट मिल तथा रिषड़ा की हेस्टिंग्स जूट मिल और वेलिंगटन जूट मिल में दोबारा रौनक लौटने वाली है। उक्त मिलों के फिर संचालित होने की खबर से श्रमिकों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। चुंचुड़ा के भाजपा विधायक सुबीर नाग ने कहा कि, राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंगल तेज रफ्तार में विकास के पथ पर दौड़ रहा है। मै श्रम मंत्री अर्जुन सिंह का आभार प्रकट करता हूं। इस फैसले के बाद न केवल हुगली बल्कि हावड़ा, उत्तर 24 परगना और पूर्व बद्र्धमान को मिलाकर राज्य के 20,000 से अधिक जूट श्रमिकों की नौकरी वापस मिलेगी और उनके चेहरों पर मुस्कान लौटेगी। वहीं श्रीरामपुर के विधायक एवं राज्य के राज्यमंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार जूट उद्योग को विशेष महत्व दे रही है। उन्होंने कहा कि चारों जूट मिलों के दोबारा शुरू होने से श्रमिकों के चेहरों पर मुस्कान लौटेगी। साथ ही सरकार ने मिल मालिकों से श्रमिक बस्तियों के विकास के लिए भी आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार भविष्य में भी मिलों और कारखानों के सुचारू संचालन के लिए हर संभव सहयोग करेगी।

