नई दिल्ली, 09 जुलाई (आरएनएस)। एक ही परिवार के तीन सदस्यों को एक साथ संदिग्ध टेलीग्राम लिंक भेजे जाने के मामले में डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से विस्तृत जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि यह कोई सामान्य साइबर ठगी नहीं, बल्कि परिवार को निशाना बनाकर अंजाम दिया गया सुनियोजित फिशिंग हमला है। डॉ. मल्लप्पा की शिकायत के मुताबिक, उन्हें, उनकी पत्नी और उनके साले को “RAGINBHARGAVBHARGAV” नाम के टेलीग्राम अकाउंट से एक जैसी संदिग्ध लिंक भेजी गई। उनका कहना है कि इस लिंक के जरिए निजी जानकारी, डिजिटल डिवाइस और बैंकिंग संबंधी संवेदनशील डेटा चुराने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराई जा चुकी है, जिसे नई दिल्ली जिला साइबर पुलिस स्टेशन ने स्वीकार भी कर लिया है। अब उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की आपराधिक जांच कराने की मांग की है। शिकायत में डॉ. मल्लप्पा ने सुरेश बीपी को मुख्य संदिग्ध बताया है। उन्होंने दावा किया है कि कथित फिशिंग लिंक, टेलीग्राम चैट के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच एजेंसियों को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने पुलिस से फिशिंग नेटवर्क के स्रोत का पता लगाने, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने, इस गिरोह से जुड़े फर्जी डोमेन और टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक करने तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। डॉ. मल्लप्पा ने इस घटना को सार्वजनिक साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सक्रिय संगठित फिशिंग गिरोहों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि अन्य लोग भी इस तरह के साइबर जाल का शिकार होने से बच सकें। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कहा, “यह कोई सामान्य फिशिंग लिंक नहीं थी। एक ही समय पर मेरे परिवार के तीन लोगों को निशाना बनाया गया, जिससे साफ है कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। मैं चाहता हूं कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

