रांची 9 जुलाई (आरएनएस)। झारखंड प्रदेश मोमिन कॉन्फ्रेंस महिला प्रकोष्ठ की ओर से महिला अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रेश्मा बेगम ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष आबिद अली तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर कासमी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि आबिद अली ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक, शैक्षणिक और संगठनात्मक नेतृत्व में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि मोमिन कॉन्फ्रेंस महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुफ्ती अब्दुल्लाह अजहर कासमी ने महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक विकास और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। वहीं, रेश्मा बेगम ने कहा कि महिला सशक्तिकरण समाज के विकास की आधारशिला है और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संगठित होना चाहिए। सम्मेलन में सर्वसम्मति से 9 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं, राजनीतिक भागीदारी और अल्पसंख्यक महिलाओं के उत्थान से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। साथ ही झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में गठित शासी निकायों को तत्काल निरस्त करने तथा संविधान के अनुच्छेद 30 के अनुरूप संस्थानों की स्वायत्तता और प्रबंधन अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। सम्मेलन में महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
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