लखनऊ, 9 जुलाई 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार सुबह लखनऊ में ज्योतिषपीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों के बीच गौ संरक्षण, सनातन परंपराओं, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।इन दिनों शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद उत्तर प्रदेश में गौ संरक्षण, गौवंश के सम्मान और सनातन मूल्यों के प्रति जनजागरण के उद्देश्य से संचालित अपनी ‘गविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्राÓ के तहत विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर रहे हैं। यात्रा के माध्यम से गौ संरक्षण को जनआंदोलन बनाने, गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने, गौहत्या पर प्रभावी रोक लगाने तथा गौ सेवा एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए समाज को जागरूक किया जा रहा है।भेंट के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य गौ माता की स्थिति को लेकर अत्यंत चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके लिए धर्म नहीं, बल्कि धन और वोट प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक हितों के अनुसार धार्मिक मुद्दों पर अपना रुख बदलती रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम की मर्यादा और धार्मिक आस्थाओं को राजनीतिक स्वार्थ से जोडऩे के कारण सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनके अनुसार मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी या चोरी सनातन परंपरा में गंभीर पाप माना जाता है।राम मंदिर से जुड़े प्रकरण की जांच पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईटी के एक सदस्य के विरुद्ध भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी जांच आवश्यक है।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के विरुद्ध लगातार छापेमारी और मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, जबकि विपक्ष की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के नाम पर प्रतिशोध की राजनीति नहीं होनी चाहिए और सत्ता में बैठे लोगों को यह याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन होता रहता है।राम मंदिर प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए”, क्योंकि केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। उनके अनुसार पूरी व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ताकि सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान हो सके।सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने किसानों को समय पर खाद न मिलने और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने का भी आरोप लगाया। साथ ही एथेनॉल में कथित मिलावट के मुद्दे को भ्रष्टाचार का नया स्वरूप बताते हुए कहा कि इससे किसानों और आम जनता दोनों के हित प्रभावित हो रहे हैं।अखिलेश यादव ने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता इन सभी मुद्दों का आगामी चुनाव में गंभीरता से मूल्यांकन करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

