वाशिंगटन/तेहरान,10 जुलाई। अमेरिका का ईरान पर हमला जारी है और ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच तकनीकी बातचीत जारी है। यह पुष्टि एक अमेरिकी अधिकारी ने की। उसने गुरुवार को कहा कि इस सप्ताह तेहरान के खिलाफ 2 दिनों तक चले जवाबी हमलों के बाद, अमेरिका और ईरान परमाणु मुद्दों पर तकनीकी वार्ता में लगे हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि अमेरिका अब भी समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच 60 दिनों का युद्धविराम और समझौता ज्ञापन उनके व्यवहार और प्रदर्शन पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि ईरान की कार्रवाई अस्वीकार्य स्तर पर विफल प्रदर्शन का उदाहरण है और ईरान द्वारा इन निर्दोष जहाजों पर किए गए हमले आतंकवाद के कृत्य हैं। अधिकारी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात को दोहराते हुए कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता है।
पिछले दिनों तुर्की के अंकारा में हुआ नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए समझौता करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा, उन्होंने कुछ देर पहले फोन किया था। वे समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। लेकिन मुझे नहीं पता कि वे समझौता करने के लायक हैं या नहीं। मुझे नहीं पता कि वे समझौते का पालन करेंगे या नहीं। यही समस्या है।
ईरान-अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन पर लिखित समझौता होने के बाद भी ईरान ने 7 जुलाई को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को नियमों का उल्लंघन न करने पर निशाना बनाया। ईरानी सेना ने सऊदी अरब समेत अन्य देशों के 3 वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया था। इसके बाद अमेरिका ने बुधवार और गुरुवार को ईरान के 90 से अधिक ठिकानों पर जवाबी हमला किया है। अमेरिकी हमलों से नाराज ईरान अब खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है।
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