दिल्ली 10 Jully (Rns) : देशभर के वाहन चालकों और आम जनता के बीच इन दिनों E20 फ्यूल (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर कई तरह की आशंकाएं और भ्रामक खबरें तैर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और वॉट्सऐप पर लगातार यह दावा किया जा रहा है कि इस नए ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन पर बुरा असर पड़ रहा है और वाहनों के रबर के पाइप गल रहे हैं। जनमानस में फैल रहे इसी असमंजस और डर को दूर करने के लिए अब खुद सरकार ने आगे आकर मोर्चा संभाला है। सरकार द्वारा इस संबंध में एक विस्तृत आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी की गई है, जिसमें आम जनता के मन में उठ रहे हर जरूरी सवाल का बेहद स्पष्ट और सीधे शब्दों में जवाब दिया गया है।
सोशल मीडिया पर फैलते भ्रम का खंडन
इंटरनेट और विभिन्न मैसेजिंग ऐप्स पर पिछले कुछ समय से E20 ईंधन को लेकर तरह-तरह की मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही हैं, जिससे वाहन मालिकों में डर का माहौल है। सरकार ने अपनी हालिया विज्ञप्ति में इन सभी दावों को पूरी तरह से भ्रामक और निराधार करार दिया है। आधिकारिक बयान में साफ किया गया है कि नए ईंधन को बाजार में उतारने से पहले वैज्ञानिक स्तर पर इसके हर पहलू की गहन जांच की गई है। जनता से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर बिना किसी प्रामाणिक आधार के शेयर की जा रही ऐसी अफवाहों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें, क्योंकि यह आधुनिक ईंधन पूरी तरह से सुरक्षित है।

