New Delhi 11 Jully । देश के ईंधन बाजार में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं के बीच उठ रहे सवालों पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आम जनता की उन चिंताओं का सीधे तौर पर जवाब दिया है, जिसमें शुद्ध पेट्रोल, ई10 और ई20 ईंधन के बीच चयन का विकल्प न मिलने की बात कही जा रही थी। सरकार ने साफ किया है कि भारत जैसे विशाल और सघन वितरण नेटवर्क में एक साथ कई अलग-अलग श्रेणियों के पेट्रोल की राष्ट्रव्यापी आपूर्ति बनाए रखना व्यावहारिक और तार्किक रूप से संभव नहीं है।
कई श्रेणियों के ईंधन वितरण से खड़ी होंगी बड़ी लॉजिस्टिकल चुनौतियां
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश के कोने-कोने तक ईंधन पहुंचाने वाली मौजूदा वितरण प्रणाली को इस तरह डिजाइन नहीं किया गया है कि वह एक साथ कई प्रकार की आधारभूत ईंधन धाराओं का संचालन कर सके। वर्तमान में देश भर में एक लाख से अधिक रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) काम कर रहे हैं, जो रिफाइनरियों, बड़े टर्मिनलों, डिपो और पाइपलाइनों के एक बेहद जटिल नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग मिश्रण वाले पेट्रोल के लिए समानांतर और स्वतंत्र आपूर्ति शृंखला तैयार करने से न केवल ईंधन के रख-रखाव की लागत में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि इन्वेंट्री प्रबंधन भी बेहद पेचीदा हो जाएगा, जिससे पूरी प्रणाली की परिचालन दक्षता पर बुरा असर पड़ेगा।
प्रीमियम पेट्रोल से तुलना को मंत्रालय ने बताया पूरी तरह अनुचित
उपभोक्ताओं द्वारा प्रीमियम पेट्रोल की तर्ज पर अलग विकल्प दिए जाने की मांग को खारिज करते हुए मंत्रालय ने कहा कि दोनों की तुलना करना तकनीकी रूप से सही नहीं है। प्रीमियम ईंधन दरअसल कोई अलग राष्ट्रव्यापी आपूर्ति शृंखला का हिस्सा नहीं होते हैं, बल्कि वे एक विशेष श्रेणी के उत्पाद हैं जिन्हें सीमित मात्रा में कुछ खास एडिटिव्स (योजक पदार्थ) मिलाकर बेचा जाता है। इसके विपरीत, ई10 या ई20 जैसे अलग-अलग मिश्रणों के लिए पूरी तरह से अलग बुनियादी ढांचे और रिफाइनरी स्तर से लेकर पंप तक अलग भंडारण व्यवस्था की आवश्यकता होती है, जो कि व्यावहारिक नहीं है

