मुंबई 12 Jully (Rns): देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रविवार अल सुबह एक अनजान फोन कॉल ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए। फोन करने वाले शख्स ने दावा किया कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने मुंबई के प्रतिष्ठित ताज होटल में बम लगाया है। इस खौफनाक सूचना के मिलते ही पूरा पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर आ गया और आनन-फानन में होटल की घेराबंदी कर दी गई। हालांकि, कड़ी मशक्कत और सघन तलाशी अभियान के बाद यह कॉल महज एक अफवाह साबित हुई, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
आधी रात को कंट्रोल रूम में बजी घंटी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह खौफनाक कॉल नवी मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में देर रात करीब 12 बजकर 13 मिनट पर आई थी। कॉलर ने दावा किया कि दाऊद इब्राहिम ने ताज होटल को बम से उड़ाने की साजिश रची है और वहां विस्फोटक लगा दिया गया है। 26/11 के आतंकी हमले का दंश झेल चुके इस शहर में ऐसी सूचना मिलते ही पुलिस फौरन हरकत में आ गई। बिना एक पल की देरी किए कोलाबा पुलिस, क्राइम ब्रांच और बॉम्ब निरोधक दस्ते (बॉम्ब स्क्वाड) की कई टीमों को कोलाबा स्थित ताज होटल के लिए रवाना कर दिया गया।
चप्पे-चप्पे की हुई सघन जांच, कॉल निकली फर्जी
होटल पहुंचते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। बॉम्ब स्क्वाड और पुलिस की टीमों ने होटल के चप्पे-चप्पे और लगभग हर संदिग्ध इलाके की बारीकी से जांच की। कई स्तरों पर चलाए गए इस गहन जांच अभियान के बावजूद पुलिस को होटल परिसर से कोई भी विस्फोटक सामग्री या किसी संदिग्ध गतिविधि का सुराग नहीं मिला। पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद पुलिस ने इस बम की धमकी को फर्जी घोषित कर दिया।
तुर्भे इलाके से किया गया था फोन, आरोपी की तलाश तेज
धमकी को फर्जी करार देने के बाद पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस करना शुरू किया जिससे यह खौफनाक कॉल की गई थी। तकनीकी जांच में पता चला है कि यह फर्जी कॉल मुंबई के तुर्भे इलाके से की गई थी। पुलिस ने नंबर की पहचान कर ली है और आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम को तुर्भे भेज दिया गया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होगा।
26/11 हमले के बाद से अभेद्य है ताज की सुरक्षा
आपको बता दें कि टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाला ताज होटल दुनिया के सबसे मशहूर और सुरक्षित होटलों में शुमार है। 26/11 के आतंकी हमले के दौरान पाकिस्तानी आतंकवादियों ने इस होटल को अपना निशाना बनाया था और कई मासूम लोगों की जान ले ली थी। इस दर्दनाक घटना के बाद से होटल की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार कड़ा किया गया है और वर्तमान में यह मुंबई के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक है। यही वजह है कि यहां से जुड़ी किसी भी धमकी को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से लेती हैं।

