भोपाल 12 जुलाई (आरएनएस)।कुख्यात सांसी गैंग के एक बड़े शातिर को भोपाल रेल पुलिस ने 11 साल बाद धर दबोचा। आरोपी सत्यभान सांसी उर्फ सत्यभान पिता महेंद्र सांसी (40) हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला है। उस पर पूरे देश में 15 स्थायी और गिरफ्तारी वारंट थे, जिसमें 13 अकेले भोपाल जीआरपी और 2 इटारसी जीआरपी के थे।
सत्यभान सांसी ‘सांसी गैंगÓ का सक्रिय सदस्य है। यह गिरोह ट्रेनों के जनरल डिब्बों और स्लीपर कोच में सवार होकर यात्रियों के बैग या वॉलीबैग में चाकू या ब्लेड से चीरा लगाकर कीमती सामान, नकदी और जेवरात चोरी करता था। पिछले एक दशक में इस गिरोह ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और असम समेत कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दिया।
भोपाल जीआरपी ने पिछले कई महीनों से पुराने स्थायी वारंटों की तामील के लिए एक विशेष अभियान छेड़ा हुआ था। इसी कड़ी में सत्यभान की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों – भिवानी, हिसार और हरियाणा के अन्य इलाकों – में लगातार दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला।
इसके बाद साइबर सेल भोपाल की मदद से आरोपी के मोबाइल का डेटा निकाला गया और उसकी लोकेशन ट्रैक की गई। कुछ दिनों तक उसके मूवमेंट पर नजर रखी गई। अचानक जब उसका मोबाइल गुवाहाटी (असम) में बंद हो गया, तो पुलिस को संदेह हुआ कि वह वहां किसी अपराध में पकड़ा गया है।
जीआरपी ने तुरंत थाना जालुकबाड़ी, गुवाहाटी से संपर्क किया। वहां से पुष्टि मिली कि सत्यभान को स्थानीय अपराध में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके बाद भोपाल की माननीय अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी कराया गया और उसे गुवाहाटी सेंट्रल जेल से भोपाल लाया गया, जहाँ उसके खिलाफ दर्ज सभी 15 वारंटों की तामील की गई।
जीआरपी भोपाल के मुताबिक, सत्यभान पर 11 साल पुराने 15 अपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें आईपीसी की धारा 379 (चोरी), 380 (भवन में चोरी), 401 (आदतन चोर) और 201 (साक्ष्य छिपाना) शामिल हैं। पुलिस ने उस पर 54,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।

