खजुराहो 12 जुलाई (आरएनएस)।कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बेटे देवांश को ट्रोल किए जाने पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर, किसान का बेटा किसान, पुलिसकर्मी का बेटा पुलिसकर्मी, नेता का बेटा नेता और अभिनेता का बेटा अभिनेता बन सकता है, तो कथावाचक का बेटा कथावाचक बने, इसमें आपत्ति क्यों है?
बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर की दक्षिण भारत के तिरुपति बालाजी में तीन दिवसीय कथा चल रही है। शनिवार देर शाम उन्होंने कथा में हिंदू समाज से आपसी मतभेद छोड़कर एकजुट रहने का आव्हान भी किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती है कि हिंदू ही हिंदुओं का विरोध कर रहे हैं।
बागेश्वर सरकार ने कहा कि यदि किसी को किसी की कथा पसंद नहीं है, तो उसे सुनने मत जाइए, लेकिन सनातन परंपरा, संतों और कथावाचकों का सार्वजनिक उपहास नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मुस्लिम अपने धर्मगुरुओं का उपहास नहीं उड़ाते, तो हिंदुओं को भी संतों का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने आग्रह किया कि अपने ही संतों, मंदिरों और मठों पर लगातार आक्षेप करना अंतत: सनातन समाज को ही कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि हिंदू आपसी खींचतान छोड़कर एक-दूसरे का सम्मान करें। सनातन के सम्मान के लिए एकजुट रहें।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के तीन बेटियां और एक बेटा है। बेटे का नाम देवांश है। देवांश वर्तमान में 10वीं में पढ़ रहे हैं। देवांश ठाकुर ने बहुत कम उम्र में ही वैदिक ग्रंथों, भागवत कथा और संस्?कृत श्?लोकों का अध्?ययन शुरू कर दिया था।
देवांश ने कुछ समय पहले गुजरात के सोमनाथ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया था। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मंच में देवकीनंदन ठाकुर ऊंचे मंच पर बैठे दिख रहे हैं। वहीं, थोड़ी दूर पर मौजूद एक सफेद रंग के सोफे पर देवांश ठाकुर भजन करते नजर आए।

