०महिलाओं को कानूनी अधिकारों एवं नि:शुल्क विधिक सहायता की दी गई जानकारी।
कोंडागांव,13 जुलाई (आरएनएस)। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव खिलावन राम रिगरी के द्वारा जनपद पंचायत केशकाल में महिलाओं के लिए वृहद विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया ।
उक्त कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंन्द्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री गायत्री साय, व थाना प्रभारी केशकाल विकास बघेल, प्रतिधारक अधिवक्ता केशव ठाकुर सहित अधिकार मित्र उपस्थित रहे।
इस कार्यकम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश खिलावन राम रिगरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी तभी समाज में वास्तविक न्याय, समानता और सशक्तिकरण स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि संविधान ने महिलाओं को समान अधिकार प्रदान किये हैं तथा उनके सम्मान, सुरक्षा और गरिमा की रक्षा के लिए अनेक प्रभावी कानून बनाए गये गये हैं। इन कानूनों की जानकारी प्रत्येक महिला तक पहुॅचाना आवश्यक है, ताकि वे अन्याय, शोषण एवं हिंसा के विरूद्ध निर्भिक होकर अपने अधिकारों का प्रयोग कर सके। साथ ही महिलाओं के अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों की जानकारी भी होना आवश्यक है। किसी भी प्रकार की उत्पीडऩ, हिंसा, भेदभाव अथवा अन्याय कि स्थिति में कानून उनके साथ खड़ा है तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हर जरूरतमंद व्यक्ति को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर है। साथ ही घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ से संबंधित प्रावधानों, उत्तराधिकार के अधिकार, साइबर अपराधो से बचाव, नि:शुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। न्यायाधीश महोदय ने महिलाओं से कहा कि किसी प्रकार की कानूनी समस्या आने पर वे बिना किसी संकोच के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा अपने निकटत विधिक सेवा केन्द्र से संपर्क करें।कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि जागरूक महिला ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की नींव होती है। महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने तथा आवश्यकता पडऩे पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं का लाभ लेने का आग्रह किया गया।
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