१६ जुलाई को पूरे उत्तर मध्य रेलवे में प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के विरोध के बाद एनसीआरईएस इस लड़ाई में कूदी
प्रयागराज १४ जुलाई (आरएनएस)। आगरा स्टेशन पर आन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर के साथ आरपीएफ कर्मियों द्वारा की गई मारपीट और बदसलूकी की घटना ने अब तूल पकड़ चुकी है। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के विरोध के बाद अब रेलवे की सबसे बड़ी यूनियनों में से एक, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ भी इस लड़ाई में कूद पड़ी है। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर दोषी आरपीएफ कर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे उत्तर मध्य रेलवे में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होगा।
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को आगरा डिवीजन के पदाधिकारियों के पहुंचने के बाद उच्च स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक शुरू हुई। इसमें आगरा मंडल के अध्यक्ष दीपक गोयल और मंडल सचिव अरुण शर्मा ने वहां की स्थिति से अवगत कराया। एनसीआरईएस के महामंत्री आरपी सिंह ने इस घटना को बेहद निंदनीय और शर्मनाक बताया है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार १४ जुलाई को संघ के सभी मंडलों के पदाधिकारियों को कड़े आदेश जारी कर दिए गए हैं। १६ जुलाई को हर छोटे-बड़े रेलवे स्टेशन से लेकर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालयों तक जोरदार प्रदर्शन कर विरोध जताया जाएगा। अब दोषी आरपीएफ कर्मियों की बर्खास्तगी पर ही आंदोलन बंद होगा। यह रेलकर्मी के मान सम्मान सबसे खिलवाड़ है और रेलवे की छवि को धूमिल करने की पूरी कोशिश है। महामंत्री की इस घोषणा के बाद से रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
मंगलवार को ही मंडल रेल प्रबंधक सभागार में चल रही एक अहम बैठक के दौरान नार्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के मंडल मंत्री चंदन सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस बर्बरता का पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा। भविष्य में हमारे किसी भी रेल कर्मचारी के साथ ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए यूनियन हर सख्त कदम उठाएगी। यूनियन इस पीडि़त स्टेशन मास्टर और पूरे संवर्ग के साथ हर मोड़ पर खड़ी है।
इससे पूर्व ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर प्रयागराज मंडल मुख्यालय पर १०० से अधिक स्टेशन मास्टरों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और डीआरएम रजनीश अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। १२ जुलाई को हुई इस घटना ने अब रेलकर्मियों और आरपीएफ के बीच एक बड़ी खाई खींच दी है। जहां एक तरफ स्टेशन मास्टर न्याय मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी यूनियनों के इस आंदोलन में कूदने से अब इस मामले के तूल पकडऩे में देर नहीं लगेगी।
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष इंद्रसेन ने कहा कि दोषियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई हो। उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। यह बिल्कुल बर्दाश्त से बाहर है कि आन ड्यूटी कर्मचारी को पीटा जाए। यह तो निरंकुशता है, अमानवीय है। जब कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार है तो आम यात्रियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कानपुर से लेकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन तक के विभिन्न स्टेशनों के १०० से अधिक स्टेशन मास्टर प्रदर्शन में शामिल होने पहुुंचे। इसमें स्टेशन मास्टरों में संतोष कुमार, विनोद कुमार, राहुल सिंह, विजय प्रताप सिंह, जीतेंद्र सिंह, संजय कुमार भारतीय आदि शामिल रहे।
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