अल्मोड़ा,14 जुलाई (आरएनएस )। स्वास्थ्य सेवा पखवाड़ा के दूसरे दिन मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 409 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया। शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरीश पंत रहे। इस अवसर पर जिला नोडल अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी.बी. जोशी, मंडल अध्यक्ष डी.के. जोशी तथा बीपीएम दीपक पंत भी मौजूद रहे। शिविर में अल्मोड़ा से पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया। इसके अलावा पात्र लाभार्थियों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाए गए। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी विभाग की ओर से 110 लोगों के नि:शुल्क चेस्ट एक्स-रे किए गए तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। जिला नोडल अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा ने लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। शिविर में मौजूद लोगों ने दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की पहल की सराहना करते हुए ऐसे शिविरों को जनहित में बेहद उपयोगी बताया।
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(अल्मोड़ा)क्वारब बाईपास पर भारी और ओवरलोड वाहनों पर होगी सख्ती, जोखिमग्रस्त विद्युत पोल हटाने के निर्देश==
अल्मोड़ा,14 जुलाई (आरएनएस )। हालिया अतिवृष्टि और भूस्खलन के बाद संवेदनशील बने क्वारब बाईपास मोटर मार्ग पर जनसुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर भारी एवं ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तथा जोखिमग्रस्त विद्युत पोल को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि भू-वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्वारब बाईपास मार्ग पर लगातार भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही हो रही है। इससे ढालों की स्थिरता प्रभावित होने और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और संभागीय परिवहन अधिकारी को पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम तैनात कर विशेष सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने और क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का एक विद्युत पोल भी गंभीर जोखिम की स्थिति में पाया गया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता यूपीसीएल को तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर पोल का तकनीकी परीक्षण कराने तथा आवश्यकता होने पर उसे प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि दोबारा भूस्खलन या भू-धंसाव होता है तो विद्युत पोल के क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ जन-धन की हानि और राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम तत्काल उठाए जाएं। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी संजय कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हर्षित गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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