बेंगलुरु,15 जुलाई(आरएनएस)। कर्नाटक में अल-हिंद आतंकी साजिश मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की स्पेशल कोर्ट ने मुख्य आरोपी को सजा सुनाई है. बेंगलुरु की एनआईए स्पेशल कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपियों में से एक मोहम्मद हनीफ खान को दोषी ठहराते हुए 7 साल की कड़ी कैद और 48,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.
हनीफ इस केस में दोषी करार दिए जाने वाला पहला आरोपी है और अब तक एनआईए ने कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है. फिलहाल, सभी 20 आरोपी ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं. जांच के मुताबिक वह उस टीम का हिस्सा था जिसने कर्नाटक के चामराजनगर जिले के शिवनासमुद्र और गुंडलुपेट इलाकों का दौरा किया और अल-हिंद संगठन के सदस्यों के लिए ट्रेनिंग और ठिकाने बनाने के लिए सही घने जंगल वाले इलाकों की पहचान करने के लिए रेकी की. एनआईए ने खुलासा किया है कि इस पूरी साजिश का मुख्य मकसद दक्षिण भारत में आईएसआईएस/दाएश प्रांत बनाना था.
मुख्य आरोपी महबूब पाशा इस साजिश का मास्टरमाइंड था. उसने बेंगलुरु के गुरप्पनपाल्या में अपने घर पर कई सीक्रेट मीटिंग की थी. उन मीटिंग में सांप्रदायिक दंगे कराने, देश विरोधी एजेंडा फैलाने और जाने-माने लोगों की टारगेटेड हत्या करने की साजिश रची गई थी.
पाशा और उसके रिश्तेदारों/साथियों ने आईएसआईएस की एक्टिविटीज को बढ़ाने के लिए एक्सप्लोसिव और हथियार खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया था. पाशा ने खुद हनीफ को दो पिस्टल और 60 जिंदा गोलियां सप्लाई की थी. इसके अलावा, हनीफ ने दूसरे आरोपियों को किराए की कार से बेंगलुरु से पश्चिम बंगाल भागने में मदद की थी, ऐसा एनआईए रिपोर्ट में दर्ज है. बेंगलुरु शहर की पुलिस ने 10 जनवरी, 2020 को केस रजिस्टर किया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने कुछ ही दिनों में अलग से जांच शुरू कर दी थी.
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