0-होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर सवार हर भारतीय की होगी निगरानी, 24 घंटे समन्वय के निर्देश
नईदिल्ली ,15 जुलाई(आरएनएस)। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बीच बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने मंगलवार को नाविक-प्रथम अभियान शुरू किया है, जिसमें अधिकारियों को फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में संचालित जहाजों पर नजर रखनी है। अधिकारियों को साफ निर्देश है कि जहाज पर भले ही किसी देश का झंडा लगा हो, लेकिन उसमें सवार प्रत्येक भारतीय का हिसाब रखना होगा।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सोनोवाल ने एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिया है।
उन्होंने वास्तविक समय में प्रत्येक जहाज की निगरानी, प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक के लिए समर्पित संपर्क अधिकारी की नियुक्ति का आदेश दिया है।
साथ ही, विदेश मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय, रसायन-उर्वरक मंत्रालय, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय और ईरान-ओमान में भारतीय मिशनों के सहयोग से मंत्रालय को चौबीसों घंटे समन्वय करने को कहा है।
सोनोवाल ने महानिदेशालय जहाजरानी को फारस की खाड़ी, होर्मुज और ओमान की खाड़ी में संचालित होने वाले प्रत्येक जहाज पर, उनके ध्वज की परवाह किए बिना, प्रत्येक भारतीय का हिसाब रखने के लिए एक व्यापक पोत-दर-पोत परिचालन डैशबोर्ड स्थापित करने का निर्देश दिया।
डैशबोर्ड पोत की स्थिति, स्वामित्व, माल, चालक दल की संख्या, चालक दल का कल्याण, खतरे का आकलन, नियोजित यात्रा, अगला पड़ाव बंदरगाह और सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में वास्तविक समय की जानकारी देगा।
केंद्र ने यह पहल तब की है, जब हाल में होर्मुज में एमटी अह बहिया और एमटी मोम्बासा पर हमले हुए। दोनों जहाजों पर सवार कुल 46 सदस्य में 30 भारतीय थे।
अल बहिया पर हमले में एक भारतीय नाविक की जान गई। मोम्बासा पर 9 भारतीय घायल हुए हैं।
28 फरवरी से शुरू अमेरिकी-ईरान युद्ध में अब तक 25 से अधिक जहाजों को अमेरिका-ईरान ने निशाना बनाया है, जिसमें 13 भारतीय नाविक मारे गए हैं, जबकि 3 लापता हैं।
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