रायपुर, 15 जुलाई (आरएनएस)। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की प्रभावी पैरवी के चलते एनडीपीएस एक्ट के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी को कड़ी सजा मिली है। थाना खमतराई के अपराध क्रमांक 242/2022 में सुनवाई पूरी होने के बाद माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट), रायपुर ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर दंड का फैसला सुनाया। न्यायालय ने अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास का भी प्रावधान किया है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 242/2022 के तहत धारा 20(B)(ii)(B) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपों को सफलतापूर्वक सिद्ध किया।
प्रकरण में रायपुर पुलिस ने प्रभावी विवेचना के साथ न्यायालय में मजबूत पैरवी की। मामले की सुनवाई माननीय श्रीमती किरण थवाईत, विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट), रायपुर की अदालत में हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
दोषी की पहचान अब्दुल सकूर (48 वर्ष), पिता शेख इस्माईल, निवासी बजरंग चौक, रावणभाठा, थाना खमतराई, जिला रायपुर के रूप में हुई है। न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹1 लाख के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में उसे दो वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। गौरतलब, रायपुर पुलिस कमिश्नरेट मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। प्रभावी विवेचना और न्यायालय में मजबूत पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की यह कार्रवाई नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

