रायपुर, 16 जुलाई (आरएनएस)। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की प्रभावी पैरवी से एनडीपीएस एक्ट के एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आरोपी के खिलाफ न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। थाना खमतराई में दर्ज अपराध क्रमांक 417/2022 की सुनवाई पूरी होने के बाद माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट), रायपुर ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर दंड का आदेश पारित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास भी भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 417/2022 के तहत धारा 20(B)(ii)(B) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया था। कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से अवैध गांजा बरामद किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में दस्तावेजी साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर आरोप सिद्ध हुए।
प्रकरण की सुनवाई माननीय श्रीमती किरण थवाईत, विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट), रायपुर की अदालत में हुई। रायपुर पुलिस ने पूरे मामले में प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी करते हुए अभियोजन को सशक्त बनाया, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। यह फैसला मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई को न्यायिक मजबूती मिलने का उदाहरण माना जा रहा है।
दोषी की पहचान उदय जैन (35 वर्ष), पिता नेमीचंद जैन, निवासी सन्यासी पारा, थाना खमतराई, जिला रायपुर के रूप में हुई है। न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹1 लाख के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में तीन वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। गौरतलब, रायपुर पुलिस कमिश्नरेट मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार अभियान चला रहा है। प्रभावी विवेचना और सशक्त न्यायालयीन पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाकर नशे के नेटवर्क पर लगातार प्रहार किया जा रहा है।

